इंटरव्यू : जानिये भूमि पेडणेकर ने कैसे कम किये 33 किलो !

भूमि पेडणेकर ने अपना डेब्यू मशहूर किरदार 'संध्या' के साथ किया जो 'दम लगा के हईशा' में एक ओवरवेट मिडिल क्लास शादी शुदा लड़की थी।  बॉलीवुड की दुनिया में , जो शरीर की नाप तौल और चेहरे के इर्द गिर्द घूमती है, उन्होंने एक अनकन्वेंशनल किरदार चुना।  भले ही इसके लिए उन्हें 23 किलो वज़न क्यों ना बढ़ाना पड़े, वह तैयार थीं। फिल्म साइन करने के छह महीने बाद तक, जब वह यशराज फिल्म्स में असिस्टेंट डायरेक्टर के पद पर काम कर  ही रही थीं , तब से उन्होंने वज़न बढ़ाना शुरू किया और बटर चिकन के साथ दाल मखनी इत्यादि जैसी अपनी सभी फेवरेट डिशेस खाती रहीं ताकि वह अपने किरदार 'संध्या' की तरह दिख सकें । 

अब अपनी फिल्म के रिलीज़ होने के एक साल बाद भूमि बिलकुल भी संध्या जैसी नहीं दिखतीं।  वह स्लिम ट्रिम हैं और 33 किलो हलकी भी।  भूमि का मानना है कि बढे हुए वज़न की वजह से उन्हें ज़रा सा भी इन्सेक्योर महसूस नहीं हुआ। लेकिन चूंकि उन्होंने इतने काम  वज़न बढ़ाया था इस वजह से उनकी सेहत पर असर पड़ना शुरू हो गया था।" मेरी सेहत खराब होनी शुरू हो गयी थी।  मेरी पीठ और जोड़ दुखने लग गए थे। मेरी डाइट बहुत ही अनहेल्दी थी।  मुझे ओवरवेट होने से परेशानी नहीं।  उतना तो चलता है।  लेकिन थोड़ा ओवरवेट होने और बिलकुल ही बीमार होने में एक महीन सी रेखा है", कोल्ड कॉफ़ी का सिप लेते हुए भूमि ने कहा। " मैं  भारतीय लड़की थी , जो लार्ज  और मीडियम साइज के कपडे पहनती थी।  लेकिन इस बढे हुए वजन के साथ, मैं अपने आप को एक एक्टर की सभी संभावनाओं से वंचित नहीं रखना चाहती थी।  हमारी इंडस्ट्री में प्लस साइज हीरोइन्स  के लिए अच्छी स्क्रिप्ट्स नहीं  लिखी जातीं "।  इसलिए भूमि ने वजन काम करने का फैसला किया।  खुद को भूखा रखकर,  अपनी सभी पसंदीदा चीज़ों से नाता तोड़ कर , या बदनाम 'साइज जीरो ' के पीछे भागना नहीं।  "मैं जैसी हूँ , अच्छी हूँ।  मैं स्किनी नहीं , और मुझे यह पसंद है" उन्होंने  कहा। 

जब तक उनकी डेब्यू फिल्म रिलीज़ हुई तब तक भूमि 10 किलो वज़न कम कर चुकी थीं।  लेकिन अभी भी बहुत कुछ करना बाकी था।  "सच कहूँ तो मेरे पास कोई प्लान नहीं था। मैंने सोचा मैं खुद ही कोशिश करती हूँ।  अगर काम ना बना , तो प्रोफेशनल मदद लूंगी।  पर मैं किसी न्यूट्रिशनिस्ट या डायटीशियन के पास नहीं गयी।  मैं इसके खिलाफ नहीं हूँ, लेकिन  मुझे लगा कि मुझे काफी शारीरिक मेहनत करनी पड़ेगी। " पेडणेकर कहती हैं, "यह 60 % एक्सरसाइज और 40 % डाइट का कॉम्बिनेशन था। " पर उनका यह भी कहना है कि यह एक लगातार प्रक्रिया है, इसलिए आपको यदि जल्दी रिजल्ट्स नहीं मिलते या आपका उत्साह ख़त्म हो जाता है ,  तो  आपको निराश नहीं होना चाहिए।  "मैंने शुरुआत जिम से की जहाँ मैं एक घंटा बिताती थी, फिर मैंने बैडमिंटन खेलना शुरू किया और जिम में समय देना बढ़ा दिया।  कभी कभी ऐसा समय होता है जब आप वज़न घटाना चाहते हैं और कभी कभी आपको कोई परवाह नहीं होती।  मुझे लगा कि यह दोनों का कॉम्बीनेशन है," वह कहती हैं।  

भूमि ने बड़ी ही कुशलता से एक और मुश्किल का सामना किया जो फिटनेस  के दीवानों की सबसे बड़ी मुश्किलों में से एक है । उन्होंने पाया कि अपनी पसन्दीदा चीज़ों से खुद को दूर रखना उन्हें एक खुश इंसान नहीं बना पायेगा। इसलिए अपनी डाइट में अपनी पसंदीदा चीज़ों को शामिल करना बहुत ज़रूरी था और उन्होंने ऐसा किया भी।    

"मैंने बहुत मज़ेदार खाना खाया।  मेरा मानना है कि चिकन ब्रेस्ट से बेहतर कुछ भी नहीं। मैंने हेल्दी ओप्तिओंस चुने।  गेहूं और रिफाइंड चीनी खानी छोड़ दी।  हॉल ग्रेन्स खाने शुरू किया।  अगर आपको रोटी खानी ही है , तो ज्वार की बखरी खाइये। भारतीय खाना सबसे बैलेंस्ड डाइट है।  डिनर में मैं एक रोटी कहती थी, लंच में दो और भूरे चावल की एक कटोरी। मैंने अपनी चाय में गुड़ या  शहद डालती थी । मैंने राजगीर भी खाया , मेरी इकलौती न्यूट्रिशनिस्ट मेरी माँ थीं ," उन्होंने कहा।  

लेकिन यह पूछे जाने पर कि आपका सीक्रेट क्या है , भूमि कहती हैं 'एलो वेरा जूस ', काफी सारा।  "मैं डेटॉक्सिफाइंग में यकीन रखती हूँ, और शुरू के दो महीने मैंने यही किया।   मैंने कई लीटर एलो वेरा जूस पिया।  और हाँ, मिनरल्स के लिए मैंने सप्लीमेंट्स लिए क्योंकि यह वजन घटने की  इतनी तेज़ थी कि मैं नहीं चाहती थी कि मेरी स्किन या बालों पर बुरा असर पड़े" उनका कहना है।    उन्होंने सिर्फ यही नहीं देखा कि वो  बल्कि यह भी कि वह कितना खा रही हैं।  "मैंने 90 ग्राम कार्ब्स खाने शुरू किये फिर घटा कर 70 ग्राम कर दिया क्योंकि आपके शरीर को बहुत ज़्यादा कार्ब्स की आवश्यकता नहीं होती।"

इंटरव्यू :  जानिये भूमि पेडणेकर ने कैसे कम किये 33 किलो !

फिटनेस गुरु भूमि !

अपना वज़न घटाते हुए भूमि काफी एन्जॉय भी कर रही थीं।  उन्होंने अपने वेट लॉस की टिप्स और फिटनेस मंत्र  के बारे में सोशल मीडिया पर भी शेयर करना शुरू किया। #लूजइटविदभूमि हैशटैग के साथ उन्होंने अपने फॉलोवर्स  के सवालों का जवाब देना शुरू किया।  "मुझे ऐसे मेसेजेस मिलते थे जिनमे लोग कहते थे ,'मेरे पति मुझसे प्यार नहीं करते क्योंकि मैं ओवरवेट हूँ ', व्यक्तिगत रूप से मुझे कभी इन तकलीफों का सामना नहीं  करना पड़ा ।मैं खुद को आईने में देखती थी तो मुझे एक आकर्षक लड़की दिखाई पड़ती थी।  मैं  छोटे कपडे भी पहनती रही और पुरुष मेरी तरफ ध्यान भी देते थे।  ईमानदारी से कहती हूँ यदि आपको पुरुषों का आकर्षण मिलता है तो आपको संतुष्टि सी मिलती है।  यह सामान्य मानव स्वभाव है " ।   

पेडणेकर का यह कहना है , ध्यान से सुनिए :

* इंटरनेट पर सही जानकारी अपनी बेहद अच्छी दोस्त बन सकती है। 

*रिसर्च कीजिये।  जो भी सुनिए , उस पर खोज खबर ज़रूर रखिये।   है , पर आधी अधूरी जानकारी खतरनाक हो सकती है।  यह बात मेरे लिए भी फिट बैठती है।  सिर्फ इसलिए कि मैं आपको कुछ बता रही हूँ, सिर्फ उस वजह से इसका विश्वास मत कीजिये।  अपनी रिसर्च ज़रूर कीजिये।  

*सोमवार का इंतज़ार कभी मत कीजिये।  सोमवार कभी नहीं आता।  

* जिम नहीं जाना तो साइकिलिंग कीजिये या रस्सी कूदिये। 

*जो भी कैलोरीज़ आप ले रहे हैं , उनका हिसाब रखिये।  न्यूट्रीशनल चार्ट्स आपको कहीं भी मिल जाएंगे।  इस बात का ध्यान ज़रूर रखिये कि आपके शरीर के अंदर क्या जा रहा है और उसका क्या असर पड़ेगा।  

*आलसी मत बनिए।  वर्क आउट और बैलेंस्ड डाइट ही इकलौता तरीका है फिट होने का।  नेचुरल तरीके से वेट काम कीजिये , आर्टिफीसियल तरीके अपनाएंगे तो काफी कम समय के लिए असर दिखेगा।  मुझे वज़न क लगा।  मैंने धीरे धीरे अपने शरीर को एक पर्टिकुलर टाइप में ढाला है।  धीरे धीरे अपने शरीर को आकार दीजिये।  

*अपने आप को डेटॉक्सिफाई करते रहिये और ढेर सारा पानी पीजिये।  याद रखिये , पानी आपका सबसे अच्छा दोस्त है।  

*भारतीय खाना सबसे बेहतरीन बैलेंस्ड डाइट है।  यह काफी हेल्दी है , इस पर ज़ोर दीजिये।  

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Bhumi Pednekar