फराह खान: 'मैं किसी भी मेल डायरेक्टर के मुकाबले दस गुना बेहतर शॉट ले सकती हूं'

फराह खान उन कुछ महिला डायरेक्टरो में से एक हैं, जिन्होंने सफल कमर्शल हिट फिल्में दी हैं। निर्देशक-कोरियोग्राफर का मानना हैं कि, "फिल्म मैकिंग एक डेमोक्रैटिक प्रासेस नहीं है। वे एक तरह से, एक तानाशाही हो गया है और वो भी एक तानाशाही हैं लेकिन लोग उन्हें पसंद करते हैं। इसके अलावा वो सोचती है कि वो किसी मेल डायरेक्टर से कम नहीं है। वास्तव में, उनका सोचना है कि वो एक मेल डायरेक्टर की तुलना में दस गुना बेहतर शॉट ले सकती हैं।

फिल्म इन्डस्ट्री में एक महिला डायरेक्टर होने के अपने अनुभव के बारे में उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया, "यह बात को पचा पाना काफी मुश्किल है कि एक महिला कमर्शल हिट बना रही है। इस बात से मुझे नफरत है और मुझे कभी भी लिंग भेद का सामना नहीं करना पड़ा और अभी भी मुझे एसा ही लगता है जब कि मैं फिल्मे बना रही होती हूं। लेकिन, फिल्म रिलीज होने के बाद मुझे लगता है लोग  पसंद नहीं करते कि एक औरत आम तौर पर मेल डायरेक्टर की तरह की फिल्मो को बनाये।"

उन्होंने इस बारे में भी बात की किस तरह शाहरुख खान उनकी डायरेक्टोरियल स्किल्स को लेकर कॉंफिडेंट रहते हैं। डायरेक्टर कहती हैं, " मैं ये नहीं सोचती की शाहरुख खान कभी यह सोचता है कि वो मेरी फिल्म में 100 करोड़ रुपए ना इन्वेस्ट करे क्योंकि मैं एक औरत हूं, क्योंकि बात यह है कि आपको काम आता है या नहीं और मुझे काम आता है और ये मैं भी बहुत अच्छे से जानती हूं। मुझ में कोई अहंकार नहीं है, लेकिन किसी भी अन्य पुरुष निर्देशक की तुलना में दस गुना बेहतर एक शॉट ले सकती हूं।"

फराह खान: 'मैं किसी भी मेल डायरेक्टर के मुकाबले दस गुना बेहतर शॉट ले सकती हूं'