परिणीति चोपड़ा ने कहा, “मैं महिलावादी नहीं हूं”

एक रिपोर्टर द्वारा महिलाओं में 'पीरियड्स' को समस्या कहने पर परिणीति चोपड़ा का उससे नाराज़ होना एक उदहारण है जो सिद्ध करता है कि बॉलीवुड की यह अभिनेत्री नारी जाति के लिए साहसिक रूप से आवाज़ उठाती है और समर्थन करती है। किन्तु परिणीति जो कि हरियाणा राज्य के 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' अभियान की ब्रैन्ड ऐम्बैसडर हैं, ने बताया कि वह महिलावादी नहीं हैं और इसकी बजाय ‘लिंग समानता’ का समर्थन करती हैं। 26-वर्षीय अभिनेत्री एक महिलावादी कहलाये जाने की अपेक्षा एक 'रोल मॉडल' कहलाये जाने पर खुशी  महसूस करेंगी। 

'किल दिल' की अभिनेत्री ने पीटीआई को बताया, “मुझे मेरी जाति पर, नारी होने पर गर्व है। मैं ‘जाति असामनता’ के खिलाफ बोलती हूँ। मैं हरियाणा के 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' अभियान की ब्रैन्ड ऐम्बैसडर हूँ। और मैं सोचती हूँ कि मेरे लिए समानता के लिए विशेष रूप से उस इंडस्ट्री की समानता के लिए जहां से मैं हूँ, व्यक्तिगत रूप से संघर्ष करना बहुत महत्वपूर्ण है।” 

परिणीति कहती हैं कि मनोरंजन उद्योग में उनके प्रवेश के बाद उन्होंने ‘लिंग समानता’ की अपने भरोसे को साबित किया है। उन्होंने आगे कहा, "अब मैं जो भी करती हूँ अथवा कर सकती हूँ, उसे समझती हूँ और स्वीकार करती हूँ और आशा करती हूँ कि मैं युवा लड़कियों को प्रेरित करूंगी। अब मैं जो कुछ भी कहती या करती हूँ उसके बारे में सतर्क रहती हूँ। अगर ऐसा करना मुझे आधा महिलावादी बनाता है, तो यह ठीक है। मैं चाहती हूँ कि लड़कियों के साथ उसी रीति से व्यवहार किया जाना चाहिए जिस रीति से पुरुषों के साथ किया जाता है। हमारे देश में कहीं-कहीं उस चीज़ की कमी है। इसलिए मैं एक रोल मॉडल बनना चाहती हूँ, पर एक महिलावादी नहीं।”  

परिणीति चोपड़ा ने कहा, “मैं महिलावादी नहीं हूं”

Source: myapne.com