IIFA अवार्ड्स ऑर्गनइज़र्स पड़े क़ानूनी पचड़े में

डीएनए की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई पुलिस की इकॉनोमिक ओफ्फेंसस विंग (ईओडब्ल्यू) ने वीज़क्राफ्ट इंटरनेशनल एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड की 460 करोड़ रुपये के घोटाले में कथित संलिप्तता के बारे में एक जांच रखी है। आरोपों के अनुसार, वीज़क्राफ्ट ने QNET से पैसा लिया और हाल ही में हुए IFFA पुरस्कारों में उन पैसों का इस्तेमाल किया। आगे यह भी दावा किया गया है, " आईफा पुरस्कार स्पांसर करने का उद्देश्य से भारत में QNet घोटाले को आगे बढ़ाना और एक सम्मानजनक ब्रांड की छवि बनाने का था"।

यह शिकायत गुरप्रीत सिंह आनंद द्वारा दायर की गई है, जिनका मानना है कि यह पैसा QNet घोटाले के शिकार लोगों का है। जांच की मांग करते हुए, उन्होंने पहले कहा था, “इन्होने (आयोजकों) इस कंपनी को प्रायोजक के रूप में क्यों नियुक्त किया है?" उन्होंने यह भी दावा किया कि इस कंपनी के तार बॉलीवुड से जुड़े हुए हैं और इसकी भी जांच होनी चाहिए।

"हमने आरोपों की जांच शुरू कर दी है, लेकिन इस समय के हम इस बारे में कोई जानकारी शेयर नहीं कर सकते हैं", धनंजय कमलाकर, पुलिस के संयुक्त आयुक्त ने ईओडब्ल्यू से कहा। कथित तौर पर, 17 लोगों को निवेशकों को बेवकूफ़ बना कर धोखाधड़ी से QNet के उत्पादों की बिक्री करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। एक मामला पहले से ही प्राइज़, चिट्स और मनी सर्कुलेशन स्कीम्स (प्रतिबन्ध) एक्ट 1978 के तहत रजिस्टर कर लिया गया है।

IIFA अवार्ड्स ऑर्गनइज़र्स पड़े क़ानूनी पचड़े में