केतन मेहता : बायोपिक मुझे मोहित करती हैं क्योंकि वे असली कहानियाँ होती हैं

बायोपिक फिल्में इन दिनों बॉलीवुड में नया चलन है और निर्देशक केतन मेहता के लिए उनकी कुछ खास जगह है।  अपने कैरियर की 12 फिल्मों में से,  निदेशक की 4 फिल्म बिओपिक्स हैं जिनमे सरदार और मंगल पांडे: द राइजिंग भी शामिल है। "मैंने इस से पहले सभी प्रकार की फिल्में की हैं। लेकिन बायोपिक मुझे मोहित करती है क्योंकि वे असली कहानियाँ होती हैं”, डायरेक्टर ने पीटीआई को बताया। उनकी अगली फिल्म, मांझी - माउंटेन मैन 21 अगस्त को रिलीज़ हो रही है जो कि एक बायोपिक है। वास्तव में,  उनकी अगली फ़िल्म में कंगना राणावत काम कर रही हैं जो स्वतंत्रता सेनानी के जीवन पर आधारित है और एक और बायोग्राफीक फ़िल्म है।

यह बताते हुए कि वह बायोपिक फिल्मों को क्यों पसंद करते हैं, केतन मेहता ने कहा, “वे प्रेरणादायक होती हैं। वे और अधिक से पहचानी जाने वाली और प्रेरणादायक होती हैं। एक फिल्म निर्माता के रूप में, यह मुझे आवश्यक अनुसंधान करने और उस पीरियड को रिविजिट करने के लिए चुनौती देता है। मुझे लगता है तथ्य आम तौर पर फिक्शन से अनजान होते हैं।”

फ़िल्म के बारे में बात करे तो यह दशरथ मांझी के जीवन पर आधारित है, जिसमे नवाज़ुद्दीन सिद्दकी काम कर रहे हैं, डायरेक्टर ने कहा। “उनकी (मांझी) की मृत्यु हो गई और मुझे न्यूज़पेपर और मैगज़ीन में छपी कहानियां मिली जो बताती हैं कि वह आदमी कितना प्रेरणादायक था, जिसने 22 साल पहले अपनी पत्नी के प्यार के लिए पहाड़ काट रास्ता बनाया था। और उसके बाद मैंने इस पर फ़िल्म बनानी शुरू कर दी। हमने रिसर्च और स्क्रिप्टिंग में दो साल बिताये।

केतन मेहता : बायोपिक मुझे मोहित करती हैं क्योंकि वे असली कहानियाँ होती हैं