नीरज घेवन: पिछले पांच सालों में मैंने एक दिन भी छुट्टी नहीं ली

नीरज घेवन की कहानी एक टिपिकल इंजीनियर की कहानी है जिसके पास एमबीए की डिग्री है। लेकिन भीड़ से अलग जाकर अपनी अच्छीखासी नौकरी छोड़कर इन्होने अपने सपने के लिए जाने का सोचा। उन्होंने साल 2012 में फिल्म 'गैंग ऑफ़ वासेपुर' में अनुराग कश्यप को एक असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर ज्वाइन किया। नीरज की डेब्यू फिल्म 'मसान' को कांन्स फिल्म फेस्टिवल में स्टैंडिंग ओवेशन मिला था। 

इस 35 साल के डायरेक्टर ने कहा, "जब में दिल्ली वापस गया तो मुझे महसूस हुआ कि मुझे अपने सपने को पूरा करना चाहिए और इसके लिए में मुंबई चला गया ताकि फिल्म मार्केटिंग कर सकू पर में उसमे बहुत ही ख़राब था। ममें स्टार परफ़ॉर्मर हुआ करता था लेकिन यहाँ में अपने टारगेट पुरे करने के लिए स्ट्रगल कर रहा था। बुरे वक़्त में मैं ऑफिस जाता था और रोता था, बारिश में सिगरेट पिता था और 'उड़ान' (2010) के गाने सुना करता था और सोचता था कोई उम्मीद अभी बाकि है।"

नीरज को उम्मीद है कि अब पांच सालो में पहले बार वो कोई छुट्टी ले सकेंगे। उन्होंने कहा, "पिछले पांच साल आसान नहीं थे। मैं एक मिनट के लिए भी नहीं रुका और ना ही एक दिन की छुट्टी ली। मैं उम्मीद कर रहा हु मैं कुछ दिन के लिए गायब हो जाऊ।"

नीरज घेवन: पिछले पांच सालों में मैंने एक दिन भी छुट्टी नहीं ली
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masaan Neeraj Ghaywan