राहुल रवैल ऑस्कर जूरी से दिया इस्तीफा; अमोल पालेकर को कहा 'मनिप्यलैटिव'

मराठी - अंग्रेजी फिल्म ' कोर्ट'  को ऑस्कर के लिए भेजने की घोषणा के तुरंत बाद ही, राहुल रवैल ने ट्विटर पर अपने इस्तीफे की घोषणा कर दी। जहाँ कुछ ने कहा कि वह फिल्म के विकल्प के साथ सहमत नहीं थे, कुछ ये भी कह रहे हैं की उनका ये निर्णय जूरी के अध्यक्ष अमोल पालेकर के साथ मतभेद के कारण बाहर आया है। यह सब स्पष्ट करते हुए राहुल रवैल आखिरकर बात की है।

रवैल, जिन्होंने जो बोले सो निहाल, लव स्टोरी, बेताब, अंजाम, और प्यार हो गया जैसी फिल्मों का निर्देशन किया है, ने अपने पोस्ट से यह स्पस्ट किया है कि उनके रिजाइन करने की वजह मूवी नहीं है “लेकिन हाँ, वहां एक मनिप्यलैटिव आदमी था। उनका नाम अमोल पालेकर है। जो जूरी के अध्यक्ष हैं। वह पूरी तरह से जोड़ तोड़ वाले  व्यक्ति हैं। बात यह नहीं है कि वह कोर्ट के लिए मनिप्यलैटिव रहे हैं। लोग कह रहे हैं कि अमोल ने कोर्ट के साथ मनिप्यलैशन किया क्योंकि वह एक मराठी फिल्म है। यह गलत है। उनका सामान्य चालन ही अक्सर जोड़ तोड़ करने वाला रहा था”, उन्होंने आईएएनएस को बताया ।

टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में, रवैल ने आगे समझाया, “उस कमरे के अंदर बहुत सारी गड़बड़ी हुई है। वोट्स बदलना, वोट्स की गलत काउंटिंग, वोट्स के गलत नंबर बताना इन गड़बड़ियों में से कुछ हैं।  मैंने एक बार फिर से चुनाव के लिए मांग की। मैंने अमोल को कहा, मुझे वोट दिखाने के लिए लेकिन उन्होंने मुझे मना कर दिया। मैंने स्पष्ट रूप से उन्हें बोला कि मैं उन पर बिल्कुल भरोसा नहीं करता हूँ। मैंने बार बार रि-काउंटिंग के लिए ज़ोर दिया और मुझे क्या हैरान कर गया कि तीन फिल्मों के मतदान की गिनती गलत निकली। जो मुझे और भी सरप्राइज कर गया वो ये कि अमोल पालेकर ने 'कोर्ट' का तिरस्कार किया था। उन्होंने कहा कि उन्हें फिल्म पसंद नहीं थी। किसी को भी साथ ले जाने के लिए इजाज़त नहीं है। लेकिन अमोल पालेकर बिना किसी अनुमति के अपने सहयोगी के साथ ले गए। उनके सहयोगी सभी जूरी के सदस्यों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा थे जो बिल्कुल नैतिकता के खिलाफ है।”

राहुल रवैल ऑस्कर जूरी से दिया इस्तीफा; अमोल पालेकर को कहा 'मनिप्यलैटिव'
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