मुझे खुद को धर्मनिरपेक्ष साबित करने की ज़रूरत नहीं है: शाहरुख खान

शाहरुख़ खान, जो आमिर के जैसे ही देश में बढ़ती असहिष्णुता के मुद्दे पर दिए गए बयान की वजह से मुसीबत में पड़ गए हैं, जिसके कारण भारतीय जनता पार्टी के सांसद योगी आदित्यनाथ ने उनकी तुलना पाकिस्तानी आतंकवादी हाफिज सईद से कर दी और हिंदुत्व समर्थक साध्वी प्राची ने तो उन्हें पाकिस्तानी एजेंट ही बुला डाला, ने हाल ही में कहा है कि उन्हें किसी को भी अपनी धर्मनिरपेक्षता साबित करने की जरूरत नहीं है। "मुझे वास्तव में इस बारे में कुछ भी पता नहीं है। मैं सीधी बात करता हूँ, क्लियर-कट और जब भी बोलता हूँ अच्छी बातें बोलता हूँ। और मुझे लगता है कि मुझे अपने आप को धर्मनिरपेक्ष साबित करने की कोई जरूरत नहीं है”, शाहरुख खान ने आईएएनएस को बताया।

इस विवाद ने तब और तूल पकड़ लिया जब 8 दिसंबर को साध्वी प्राची ने एक बार फिर शाहरुख खान और आमिर असहिष्णुता मुद्दे पर दिए गए उनके बयान के लिए उन्हें देश की छवि को 'खराब' करने वाला कहते हुए हमला कर दिया। शाहरुख का कहना है कि उन्होंने अब खुद को सिर्फ़ उनकी फिल्मों और उनके काम के बारे में बात करने के लिए प्रतिबद्ध कर लिया है और इसलिए वह इस विषय पर टिप्पणी नहीं करेंगे। "मैंने फैसला कर लिया है, मैं सीरियस टॉपिक को उस प्लेटफार्म पर ही डिस्कस करूँगा जहाँ मुझ उस पर चर्चा करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। लेकिन यह बहुत दुर्लभ है।“

“मैं जब भी इस तरह के कार्यक्रमों में बात करता हूँ, लोग मेरे आधे शब्द पकड़ लेते हैं और उन्हें एक अलग ही कॉन्टेक्स्ट में पेश कर देते हैं। इसलिए मैं समझता हूं कि एक्टिंग प्लेटफार्म पर एक्टर्स को बस एक्टिंग और फ़िल्म के बारे में ही बात करनी चाहिए”, उन्होंने आगे कहा। शाहरुख ने इस बातचीत को यह कहते हुए ख़त्म किया, “अगर कोई मुझसे कहता है कि वह मुझसे अधिक देशभक्ति है, तो वह बेवकूफ है। किस एंगल से कोई खुद को आपसे अधिक  देशभक्त साबित कर सकता है? उस के पीछे कोई तर्क नहीं है। हम अचानक चिल्लाने लगते हैं कि हम तुम से ज्यादा देशभक्त हैं। दरअसल, हम सभी देशभक्त हैं।“

मुझे खुद को धर्मनिरपेक्ष साबित करने की ज़रूरत नहीं है: शाहरुख खान