तनिष्ठा चटर्जी ने 'कॉमेडी नाइट्स बचाओ ' शो पर उठाये सवाल, हुईं वायरल !

पार्च्ड फिल्म की एक्ट्रेस ने पूरे समाज के मुँह पर तमाचा मारा है इसी बहाने !

गलत वजहों से हमेशा सुर्ख़ियों में रहने वाले टीवी  कॉमेडी "कॉमेडी नाईट बचाओ "इस बार तनिष्ठा चटर्जी के सांवले  रंग  का मजाक उड़ाने  के कारण फिर से विवादों  में है। कॉमेडी नाईट बचाओ  शो  का  पहले ही बहुत सारे कलाकारों  ने बॉयकॉट  किया हुआ है अबकी बार तनिष्ठा चटर्जी  शो  को बीच में छोड़कर चली गई। तन्निष्ठा अपने फ़ेसबुक  पोस्ट में बताया कि  शो  में उनके रंग का बार -बार मजाक उड़ाया जा रहा था,जिसके कारण उन्हें  वहाँ से निकलना पड़ा।

तनिष्ठा चटर्जी ने 'कॉमेडी नाइट्स बचाओ ' शो पर उठाये सवाल, हुईं वायरल  !

 हाल ही  में रिलीज़ हुई पार्च्ड ने वैश्विक स्तर  पर पहले  ही कई अवॉर्ड जीत लिए  है। अपनी विषय वस्तु  के कारण ये फ़िल्म बहुत सुर्ख़ियों में रही है।  फ़िल्म  में चार  साधारण महिलाओं के  शोषण  और संघर्ष को दिखाया गया है।  फ़िल्म में कहानी को नए नजरिए  से दिखाया गया है।  फिल्म की कहानी और एक्टिंग  परचर्चा के बजाय शो में तनिष्ठा के काले रंग के इर्द गिर्द ही पूरी  चर्चा केंद्रित रही।   जो औपनिवेशिक मानसिकता को दर्शाता  है।  

तनिष्ठा चटर्जी ने 'कॉमेडी नाइट्स बचाओ ' शो पर उठाये सवाल, हुईं वायरल  !

तनिष्ठा ने  फिल्म में रानी का किरदार निभाया है जिसे बहुत तारीफ मिल रही है।  कॉमेडी नाईट बचाओ के शो  से बॉयकॉट करते हुए उन्होंने एक फेसबुक पोस्ट लिखा है।  पेश है  पोस्ट का सारांश :     

मुझे यकीन  नहीं हो रहा कि मैं 2016 में एक राष्ट्रिय  चैनल पर प्रसारित होने वाले एक फुहर   (इसे हास्यनहीं कहा जा सकता) और शोर मचाते हुए रंगभेद को बढ़ावा देने वाले कॉमेडी शो में हूं। मैं घुटन महसूस कररही थी और जब मैनें शो के आयोजकों से इसके बारे में कहा तो मुझे जवाब मिला कि यह कॉमेडी शो है और इसका फॉरमैट आपको पहले ही बता दिया गया है। हमारे देश में जहां लोगों को सांवले  रंग के कारण अपमान और उपेक्षा सहना पड़ता है, वहां किसी के रंग को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करना मजाक नहीं हो सकता।

फ़िल्म अभिनेत्री तनिष्ठा चटर्जी ने अपने सांवले रंग का मज़ाक उड़ाने के लिए 'कॉमेडी नाइट्स बचाओ' टीवी शो की आलोचना की है। । तनिष्ठा चटर्जी इस टीवी शो में अपनी फ़िल्म पार्च्ड के प्रमोशन के सिलसिले में शामिल होने के लिए फ़िल्मकी निर्देशिका लीना यादव और अभिनेत्री राधिका आप्टे के साथ पहुंची थीं।  उन्होंने लिखा कि शो के आधे हिस्से तक उनके रंग को लेकर मज़ाक उड़ाया जाता रहा, वे इस दौरान इंतज़ार करती रहीं कि टॉपिक शायद बदले।  लेकिन जब ऐसा नहीं हुआ तो तनिष्ठा शो से निकल गईं। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, "एक बार मुझसे पूछा गया- आपका सरनेम चटर्जी है? तो आप ब्राह्मण हैं।  आपकी मां का सरनेम क्या है? मित्रा! वो भी ब्राह्मण थीं।  इसके बाद मुझे अप्रत्यक्ष तौर पर संकेत दिया गया कि फिर भी मेरा रंग सांवला क्यों है? यह हमारी सोच में गहरे तक बैठा हुआ है और जाति, वर्ग और रंग को लेकर पूर्वाग्रह से जुड़ा है।  सवर्ण का मतलब साफ़ रंग, घुलमिल सकते हैं।  निचली जाति का मतलब सांवला या काला रंगऔर वे अछूत हैं। "मेरी फ़िल्म  पार्च्ड में भी  लिंग, शरीर ,सेक्सयुलिटी और जाति के द्वन्द्व  को दिखाया गया है। समाज में गहरे तक रंग को लेकर पूर्वाग्रह बैठा हुआ है, जिसे परंपराओं से और  प्रोत्साहन मिलता है।  ये खबर जैसी ही वायरल हुई , पूरा बॉलीवुड तन्निष्ठा  के सपोर्ट में  खड़ा दिखा। कॉमेडी शो के निर्माता कलर्स चैनल ने भी उनसे माफ़ी मांग ली है।   

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