जानिये क्यों ख़ास है सीरियल 'पहरेदार पिया की' !

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टीवी सीरियल 'पहरेदार पिया की' सोनी टीवी का नया शो है।  'स्वरागिनी' की रागिनी यानी 'तेजस्विनी प्रकाश' शो की मैं लीड है। वही 10 साल के अफान खान शो के मेन लीड हैं। शो राजस्थानी पृष्ठभूमि पर आधारित है और कहानी केसर महल जो एक घर भी है और होटल भी पर फिल्माई गई है। 'पहरेदार पिया की' कहानी की कहानी एक 18 साल की लड़की और 9 साल के बच्चों की है जिनकी कुछ परिस्थितियों के चलते शादी हो जाती है।

जानिये क्यों ख़ास है सीरियल 'पहरेदार पिया की' !

कहानी को देखकर लग रहा है कि कहानी 1991 में यश चोपड़ा की फिल्म 'लम्हे' से मिलती जुलती है। कहानी में यह दर्शाया गया है कि कैसे एक लड़की का बाप जो मान सिंह के यहाँ रखवाले थे उनकी लड़की से मान सिंह के बेटे यानी कुंवर सा को प्यार हो जाता है। मान सिंह अपनी पत्नी और बेटे के साथ किशनपुर आते हैं जहाँ उनके बेटे को एक परी नज़र आती है जो बिलकुल उनकी कहानियों वाली परी जैसी है। रतन को दिया से प्यार हो जाता है और वो  अपने बापची सा से कहते हैं कि वो दिया से शादी करना चाहते हैं। शो में एक किरदार छोटी ठकुरानी है जिस पर सस्पेंस बना हुआ है जो कुंवर को प्यार करती है लेकिन कुंवर की माँ उससे चिढ़ती है। रतन की माँ को उसकी सुरक्षा को लेकर बहुत चिंता रहती है और इसलिए वो हुकुम से रतन के लिए एक पहरेदार लाने को कहती हैं। 

जानिये क्यों ख़ास है सीरियल 'पहरेदार पिया की' !

कहानी कुछ अलग सी और इंटरेस्टिंग बनाने की कोशिश की गई है अब देखने वाली बात होगी कि कैसे दिया रतन का ख्याल रखती है उसकी पहरेदार बनकर। सीरियल शुरुआत से ही कॉंट्रोवर्सी का शिकार भी रहा है। लोगों ने इसे बाल विवाह जैसी कुरीतियों को बढ़ावा देने के लिए जम कर कोसा। दादा हुकुम सा के केसर महल एकदम महल की तरह दिखाया गया है। शो में एक 10 साल के लड़के को 18 की लड़की से प्यार हो जाता है ये बात कुछ अजीब है और कुछ सीन्स को देखकर लग रहा है जैसे उन्हें जबरदस्ती वहां डाला गया। 

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