पाइरेसी के खिलाफ जंगः फिल्म प्रदर्शक 9 जुलाई को बंद रखेंगे सारे थियेटर्स

पहले ‘प्रीमैन’ और फिर इसके तुरंत बाद ‘पापनासम’ जैसी दक्षिण भारतीय फिल्मों के ऑनलाइन लीक होने की वजह से प्रदर्शक इस बात को लेकर चिंतित हैं। अब फिल्म प्रदर्शक फेडरेशन ने लिबर्टी बशीर के नेतृत्व में इस मुद्दे के खिलाफ प्रदर्शन करने का फैसला किया है। फेडरेशन 9 जुलाई को राज्य के सारे थियेटर्स बंद करवाकर अपनी नाराजगी व्यक्त करेगी। अभी तक फिल्मों के ऑनलाइन लीक होने के मुद्दे पर कोई पुख्ता कार्रवाई नहीं हो पाई है।

एक्जिबिटर्स फेडरेशन के अध्यक्ष बशीर ने बताया कि कैसे पाइरेसी से फिल्मों के कलेक्शन पर असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा, “कलेक्शन में 25 फीसदी तक की गिरावट आई है।“

दर्शक बहुत कम फिल्मों को ही फिर से देखने आता है। प्रीमैन ऐसी फिल्म थी जिसे कॉलेज स्टूडेंट्स ही पांच से छह बार देख रहे थे। अब वे सभी क्यों थियेटर्स में वही फिल्म देखने आएंगे जो उनके मोबाइल में पहले ही मौजूद होगी।“

जांच एजेंसी त्रिवंद्रम के सेंसर बोर्ड की जांच पड़ताल कर रही है। दरअसल, यहां से कुछ ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया गया जो इन फिल्मों की पाइरेसी कॉपीज बेच रहे थे। इस पर बशीर ने कहा, “हम जानते हैं कि जांच एजेंसी के पास असल अपराधियों तक पहुंचने के लिए तकनीक मौजूद है। मुझे शक है कि जांच एजेंसी पर किसी प्रकार का दबाव है जिससे जांच धीमी है।”

उन्होंने आगे कहा, “जांच एजेंसी की ओर से की जा रही जांच की धीमी गति से ऐसी पार्टियों का भय खत्म हो जाएगा। इसके हल के लिए  हम थियेटर्स बंद करवाएंगे। हम अनिश्चितकाल के लिए हड़ताल पर जाने के लिए तैयार हैं।“  

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premam Papanasam

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