अमिताभ बच्चन ने लिखा आराध्या और नव्या को खत , पढ़कर आपकी आँखों में आँसू आ जाएंगे !

बिग बी ने साबित कर दिया है कि आखिर लोगों के दिल में उनके लिए इतनी इज़्ज़त क्यों है !

अमिताभ बच्चन  ने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक विडियो शेयर किया जिसमें उन्होंने अपनी पोती आराध्या और नवासी नव्या के लिए कुछ ऐसी बातें कहीं जिनको ध्यान से सुनने की सबसे ज़्यादा ज़रूरत हमें है। पढ़िए अमिताभ का  लिखा हुआ ख़त यहाँ :

 अमिताभ बच्चन ने लिखा आराध्या और नव्या को खत , पढ़कर आपकी आँखों में आँसू आ जाएंगे !

"तुम दोनों के नाजुक कंधों पर बहुमूल्य विरासत की जिम्मेदारी है- आराध्या, तुम्हारे परदादाजी, डॉ. हरिवंश राय बच्चन...और नव्या, तुम्हारे परदादाजी, श्री एचपी नंदा जी की विरासत।  

अमिताभ बच्चन ने लिखा आराध्या और नव्या को खत , पढ़कर आपकी आँखों में आँसू आ जाएंगे !

तुम दोनों के परदादाजी ने तुम्हें सरनेम दिए, ताकि तुम ख्याति और सम्मान का आनंद उठा सको! भले ही तुम दोनों नंदा या बच्चन हो लेकिन तुम दोनों लड़की हो...महिला भी हो!

और क्योंकि तुम महिला हो, लोग तुम पर अपनी सोच, अपना दायरा थोपेंगे।  वे तुम्हें कहेंगे कि कैसे कपड़े पहनो, कैसे व्यवहार करो, किससे मिलो और कहां जाओ। 

लोगों के विचारों में दबकर मत रहना।  अपने विवेक से अपनी पसंद खुद तय करो। 

किसी को भी ये तय करने का हक मत देना कि तुम्हारे स्कर्ट की लंबाई तुम्हारे चरित्र का पैमाना है।  किसी को भी ये तय करने का हक मत दो कि तुम्हारे दोस्त कौन होने चाहिए, तुम्हें किससे दोस्ती करनी चाहिए।  किसी भी वजह से शादी मत करो जब तक कि तुम शादी न करना चाहो। लोग बाते करेंगे. वे बहुत ही ही बुरी चीजें कहेंगे।  लेकिन इसका ये मतलब नहीं है कि तुम सबकी बातें सुनो।  इस बात की कभी परवाह मत करो-लोग क्या कहेंगे।  अंत में अपने लिए गए फैसलों का परिणाम का सामना सिर्फ तुम्हें ही करना होगा।  इसलिए दूसरों को अपने लिए फैसले मत लेने दो। 

नव्या-तुम्हारे नाम और सरनेम की वजह से तुम्हें मिला विशेषाधिकार उन मुश्किलों से तुम्हें नहीं बचाएगा जिनका सामना एक महिला होने के कारण तुम्हें करना पड़ेगा। 

आराध्या-जिस समय तुम इसे देखोगी या समझोगी, हो सकता है मैं तुम्हारे आसपास न रहूं।  लेकिन मुझे लगता है कि आज जो मैं कह रहा हूं वह उस समय भी प्रासंगिक रहेगा. यह महिलाओं के लिए एक मुश्किल, मुश्किल दुनिया हो सकती है लेकिन मुझे यकीन है कि तुम जैसी महिलाएं ही इसे बदलेंगी।  अपनी खुद की सीमाएं बनाना, अपनी पसंद तय करना, लोगों के फैसलों से ऊपर उठना, हो सकता है ये आसान न हो। 

अमिताभ बच्चन ने लिखा आराध्या और नव्या को खत , पढ़कर आपकी आँखों में आँसू आ जाएंगे !

लेकिन तुम!... लेकिन तुम हर महिला के लिए एक उदाहरण बन सकती हो । 

ऐसा ही करना और तुम दोनों अब तक मैंने जितना किया है उससे कहीं ज्यादा करोगी, और यही मेरे लिए सम्मान की बात होगी कि मैं अमिताभ बच्चन नहीं बल्कि तुम्हारे नाना और दादा के तौर पर जाना जाऊं!"

अनुवाद : साभार इन्टरनेट !