दिव्या दत्ता : बॉलीवुड का वो एक नाम जो चाँद बनने की कूवत रखता है , पर ध्रुव तारे की तरह चमक रहा है !

ध्रुव तारा एक ऐसा तारा है जो एक कोने में खड़ा राह दिखाता है। कुछ हो न हो, उसका चमकना एक राहत दे जाता है कि सब कुछ भूला नहीं है।

लुधियाना पंजाब का एक छोटा सा शहर है।  लहलहाते खेतों और नहरों के बीच बसा एक बस्ती की माफ़िक , जो धीरे धीरे  व्यस्त और तेज़ होता जा रहा है।  दिव्या दत्ता पंजाब के इसी शहर से हैं। पहली बार लोगों ने उन्हें नोटिस किया 'वीर-ज़ारा' फिल्म में , जिसमें उन्होंने शब्बो का किरदार निभाकर वीर और ज़ारा को मिलवाने में अहम् भूमिका निभायी थी।  

दिव्या दत्ता : बॉलीवुड का वो एक नाम जो चाँद बनने की कूवत रखता है , पर ध्रुव तारे की तरह चमक रहा है !

लेकिन उससे भी काफी पहले से दिव्या फिल्मों में आती रही हैं , और उन्होंने छोटी मोटी भूमिकायें निभा रखी थीं। फिल्म राजा की आएगी बारात, बड़े  मियाँ छोटे मियाँ , जॉगर्स पार्क, बाग़बान , इन सबमें दिव्या दिखाई दे चुकी थीं। पर इंडस्ट्री में अब भी ग्लैमर का बोलबाला अधिक था जहाँ चमक के बीच  टैलेंट का उभर कर सामने आ पाना मुश्किल था।  

दिव्या दत्ता : बॉलीवुड का वो एक नाम जो चाँद बनने की कूवत रखता है , पर ध्रुव तारे की तरह चमक रहा है !

वीर ज़ारा से  दिव्या दत्ता को उनके कैलिबर के रोल मिलने  में फिर भी काफी समय लगा।  वेलकम टू सज्जनपुर और दिल्ली 6 के साथ उन्होंने अपना मकाम हासिल करना शुरू किया।  इसी के साथ पंजाबी फिल्मों में भी उन्होंने अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई और मेनस्ट्रीम में उन्हें पहचान मिलनी शुरू हुई।  भाग मिल्खा भाग में इशरी कौर की भूमिका ने उन्हें फ़िल्मफ़ेयर नॉमिनेशन दिलवाया। 

बात सिर्फ उनकी फिल्मों  की नहीं। बल्कि उस एक चमक की है जो वो अपने  साथ किरदारों में लेकर आती हैं। फिल्म क्रिटिक्स अक्सर उन्हें उनकी भूमिकाओं के लिए तारीफ ही देते हैं , भले ही फिल्म चाहे कितनी भी खराब क्यों न हो। एक एक्टर होने के नाते दिव्या हर उस भूमिका में जान फूंक देती हैं जिसके लिए उन्हें चुना जाता है , और वो सब कुछ उस चकाचौंध से दूर रहकर जो अक्सर लोगों को अंधा बना देती है।  न जाने कितनी ऐसी फिल्में रही होंगी जहाँ पर मुख्य किरदार की जगह लोगों के ज़ेहन में दिव्या दत्ता का चेहरा घूम गया होगा।  लेकिन वो नहीं थीं उन फिल्मों में, और ये उन फिल्मों की बदकिस्मती कही जा सकती है।

दिव्या दत्ता : बॉलीवुड का वो एक नाम जो चाँद बनने की कूवत रखता है , पर ध्रुव तारे की तरह चमक रहा है !  

मुश्किल होता है इस भाग दौड़ और चमक दमक से लबाबलब भरी दुनिया  में अपनी एक अलग पहचान बनाये रखना , जो दिव्या दत्ता ने किया है ।  एक सहारे की तरह वो टिकी हैं अपने एक कोने में, दर्शकों के मन में एक हौसला जगाती हुई, कि कोई अच्छा किरदार होगा, तो उसे परदे पर उतारने के लिए दिव्या दत्ता ज़रूर मौजूद रहेंगी।