सनी लियोनी की अच्छी कोशिश के बावजूद 'वन नाइट स्टैंड' नहीं छोड़ पाई असर !

दर्शकों की उम्मीदों पर शायद इस बार सनी लियोनी की फिल्म 'वन नाइट स्टैंड' खरी नहीं उतर पायी। इस फिल्म में कैज़ुअल रिलेशनशिप्स जैसे सेंसिटिव इशू पर बात की गयी है और उस मुद्दे को अच्छे से सम्भाला गया है लेकिन एक्टिंग और स्क्रिप्ट के लिहाज से फिल्म बेहद कमजोर है।

सनी लियोनी की अच्छी कोशिश के बावजूद 'वन नाइट स्टैंड' नहीं छोड़ पाई असर !

फिल्म की कहानी कुछ ऐसी है जिसका अंत काफी प्रेडिक्टेबल लगता है जहाँ लड़का लड़की एक दूसरे के साथ एक रात गुज़ारते हैं और उसके बाद अपने अपने रास्ते चले जाते हैं।  जो नया है इस फिल्म में वो ये कि लड़की का एक नया रूप देखने को मिलता है जिसकी शायद लोगों को आदत नहीं है।

सनी लियोनी की अच्छी कोशिश के बावजूद 'वन नाइट स्टैंड' नहीं छोड़ पाई असर !

उर्विल के रूप में तनुज विरवानी और सेलिना के रूप में सनी लियॉनी हैं जिनके बीच की यह कहानी होती है। एक फॉरेन ट्रिप पर मिले दोनों किरदार एक रात गुज़ारने के बाद जब अलग होते हैं तो सब कुछ सामान्य लगता है लेकिन कहानी में मोड़ तब आता है जब उर्विल सेलिना को दुबारा देख लेता है और उसमे मिलने की इच्छा उसके मन में जाग उठती है। अब आगे क्या होता है उसके लिए आप फिल्म देखें तो बेहतर होगा हालांकि ज़्यादा कुछ होता है नहीं।

सनी लियोनी की अच्छी कोशिश के बावजूद 'वन नाइट स्टैंड' नहीं छोड़ पाई असर !

कुछ जगहों पर कोशिश की है फिल्म में थ्रिल डालने की लेकिन असरदार नहीं रहा है। कुछ दृश्य बेहद बचकाने हैं और सनी के सेंसिबल डायलॉग्स ने ही थोड़ा बहुत  सम्भाला,बाकी फिल्म तो लचर सी बन पड़ी है।  फिल्म देखने का विचार है तो बस इतना सा कहेंगे : दो पेग मार और भूल जा !