बॉलीवुड की इन फिल्म में दिखा ट्रिपल तलाक का दर्द !

हमारी हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में शायद ही कोई सामाजिक मुद्दा होगा जो फिल्म की कहानी के जरिये न दिखाया गया हो। सामाजिक प्रथाओं और कुरितियों को समय समय पर फ़िल्मी सांचे में ढाल कर दिखाया जाता रहा है। ऐसा ही तलाक जैसे संवेदनशील मुद्दे को असल कहानी में पिरो कर दर्शकों के सामने पेश किया गया। ऐसे मुद्दे को दिखाने का केवल यही मकसद था कि कैसे तीन शब्द एक औरत की जिंदगी को बर्बाद कर देते हैं।

बॉलीवुड में तलाक जैसे मुद्दे पर बहुत सी फिल्में बनी हैं, जिसमें अलग अलग तरह से तलाक के बाद एक औरत के दर्द और तकलीफ को दिखाया गया है।

तलाक 1958

ये शायद उस समय की पहली ऐसी फिल्म थी जिसमें तलाक के दर्द को दिखाया गया था। फिल्म एम मुख्य किरदार में मशहूर एक्टर राजेन्द्र कुमार और एक्ट्रेस कामिनी थी। फिल्म की कहानी इंदु नाम की एक लडकी थी जो शादी के बाद भी अपने पिता के साथ रहकर टीचर की नौकरी करती थी। लेकिन नौकरी छोड़ने के बाद दोनों दम्पति में दरार आ जाती है और उनकी आर्थिक स्थिति देख इंदु का पति उसे तलाक दे देता है। इस फिल्म को महेश कॉल ने डायरेक्ट किया था।

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चौदहवीं का चाँद 1960

साल 1960 में रिलीज़ हुई ये फिल्म अपने खूबसूरत गानों के लिए आज भी याद की जाती है। लव ट्रायंगल के इर्द-गिर्द घुमती इस फिल्म की कहानी में भी तलाक का दर्द छुपा हुआ है। इस फिल्म में गुरु दत्त, जॉनी वाकर और वहीदा रहमान मुख्य भूमिका में थे। इस फिल्‍म को लोगों ने खूब पसंद किया था। इस फिल्म का गाना 'चौदहवीं का चांद हो..आज भी मशहूर है।

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निकाह 1982

साल 1982 में एक फिल्म आई थी ‘निकाह’ फिल्म में राज बब्बर, दीपक पराशर और पाकिस्तानी एक्ट्रेस सलमा आगा मुख्य किरदार में थे। बीआर चोपड़ा की इस फिल्म का नाम पहले ‘तलाक,तलाक,तलाक, था। फिल्म में दिखाया गया था कि कैसे निकाह के बाद एक और की खुशनुमा हो जाती तो है तो वहीं छोटी सी बात पर हुआ तलाक उसकी वही खुशनुमा जिंदगी नर्क में बदल जाती है। फिल्म में एक और अहम मुद्दा उठाया गया था कि अगर निकाह औरत की मर्जी के बिना नहीं हो सकता तो तलाक कैसे हो सकता है। फिल्म की काफी आलोचना भी हुई थी और कुछ हिस्सों में इसे पसंद भी किया गया था।

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जुबैदा 2001

करिश्मा कपूर पर आधारित इस फिल्म में भी कहीं न कहीं तलाक का दर्द छुपा हुआ है। करिश्मा द्वरा निभाया जुबैदा का किरदार उस वक़्त सबको अपनी ओर आकर्षित कर लेता है जब उसकी गोद में एक दूधमुंहां बच्चा होता है और उसका शौहर ज़रा सी बात पर तलाक बोल कर उस शादी को खत्म कर देता है जिसमें दोनों ने साथ रहने के सपने देखे थे।  

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हलाल 2017

हलाल भी ट्रिपल तलाक जैसे मुद्दे पर बनी फिल्म है। इस फिल्म में भी तलाक के दर्द को बताया गया है। फिल्म को नेशनल अवार्ड विनर शिवाजी लोटन पटेल ने डायरेक्ट किया है। इस फिल्म चमने दीपक, मंडलेकर, प्रियदर्शनी यादव और प्रीतम कगने मुख्‍य भूमिका में नजर आयेंगे। संवेदनशील मुद्दे पर बनी ये फिल्म पहले ही तारीफें बटोर चुकी है।