आजकल के टीवी को हो क्या गया है ?

अगर आप 80  या नब्बे के दशक में बड़े हुए हैं, तो आपको याद होगा कि किस तरह बचपन में हम टीवी पर आने  वाले शोज़ का बेसब्री से इंतज़ार किया करते थे। उस समय के शोज़ भी ऐसे होते थे जिनमें कुछ न कुछ ऐसा होता था  जो दर्शकों को बांधकर रखता था और सोचने पर मजबूर कर देता था। नहीं - नहीं, ये बात यूं ही नहीं कही जा रही, ज़रा देखिये उस समय के शोज़ की लिस्ट :

अस्तित्व

 आजकल के टीवी को हो क्या गया है ?

तारा 

आजकल के टीवी को हो क्या गया है ?

हसरतें 

आजकल के टीवी को हो क्या गया है ?

देख भाई देख 

आजकल के टीवी को हो क्या गया है ?

और ज़रा नज़र घुमाइए आज के शोज़ पर :

द कपिल शर्मा शो 

आजकल के टीवी को हो क्या गया है ?

नागिन 

आजकल के टीवी को हो क्या गया है ?

ससुराल सिमर का 

आजकल के टीवी को हो क्या गया है ?

उस समय का टीवी आज के समय से कहीं ज़्यादा प्रगतिशील था।  उस समय के मुद्दे, कहानी कहने का तरीका, उन कहानियों के किरदार - सभी कुछ इतना प्रासंगिक लगता था कि उनसे जुड़ जाना मुश्किल भी नहीं होता था।  आज के सीरियल्स में जहाँ बस केवल सास बहू ड्रामा और  अंधविश्वास चल रहा है, वहां पर अस्तित्व  - एक प्रेम कहानी में डॉक्टर सिमरन ( निक्की अनेजा वालिया ) के अपने से दस साल छोटे व्यक्ति से शादी करने जैसे गैर पारम्परिक निर्णय लेने और अपने संघर्षों की कहानी बताने का मधुर अहसास खो गया है। अल्प विराम, देख भाई देख, मालगुड़ी डेज जैसे शोज़ एंटरटेनमेंट के साथ साथ ऐसे सवाल भी उठाते थे जिनको सुनना ही अपने आप में काफी अनकंफोर्टेबल होता था, जवाब ढूंढना तो दूर की बात रही।  

आज कल का टीवी मज़ाक बन कर रह गया है जहाँ सालों साल टीवी शोज़ चलते हैं जिनका सर-पैर नहीं होता।  भूत प्रेत चुड़ैल नेवला कुत्ता नागिन षड्यंत्र से आगे बढ़ना शायद आज कल के टीवी के लिए बेहद मुश्किल है।  इस मामले में पाकिस्तान के टीवी शोज काफी आगे हैं यहाँ के शोज़ से, और ऐसा सबका मानना है।  क्या वो सुनहरे दिन वापिस आ पाएंगे टीवी के लिए?