सिंगर लकी अली के ये बेहतरीन गाने आपकी प्ले लिस्ट में जरुर होने चाहिए !

अपनी बेहतरीन गायिकी से सबको मदहोश करने वाले सिंगर मक़सूद महमूद अली यानी लकी अली कई सालों से बॉलीवुड में अपनी गायिकी से एक अलग पहचान बनाये हुए हैं। मशहूर एक्टर महमूद के बेटे होने के बाद भी इन्होंने पिता के नाम के सहारे के बिना अपनी एक अलग पहचान बनाई। लकी अली ने न सिर्फ गायिकी की बल्कि एक्टिंग में भी उन्होंने अपना हाथ अजमाया। इसके बाद इन्होने घोड़े भी पाले, कनाडा जा कर लम्बे समय तक खेती भी की। जिंदगी में इतना कुछ अलग करने के बाद ये वापस संगीत की तरफ लौट गए।

19 सितम्बर 1958 को मुंबई में जन्मे लकी का बचपन कुछ खास नहीं रहा। पिता की व्यस्तता के कारण वो उन्हें वक़्त नहीं दे पाते थे। इसी तरह उनका बचपन बीता।

लकी की निजी जिन्दगी भी कुछ ठीक नहीं रही। दो शादियों में असफल होने के बाद उन्होंने तीसरी शादी की।

लकी कांटे और सुर जैसी फिल्मों में दमदार एक्टिंग भी की है। इंडस्ट्री में इनके काम की खूब सराहना भी हुई और फिल्मों के ऑफर्स भी आये लेकिन लकी के दिल में तो कुछ अलग करने का जुनून था।

लेकिन लकी ने अपने पिता महमूद के नाम के सहारे के बिना अपने टेलेंट के बलबूते सिंगिंग में बड़ा मुकाम हासिल किया। 1996 में आया उनका पहला एल्बम ‘सुनो’ जबरदस्त हिट हुआ।

इसके बाद ‘ओ सनम’ ने तो नया रिकॉर्ड ही बना डाला।

लकी ने ऋतिक रोशन के लिए तो कई बेहतरीन गाने गए। ऋतिक की पहली फिल्म ‘कहो न प्यार है’ का सुपरहिट गाना ‘एक पल का जीना’  लकी ने ही गया था। जिसने उन्हें सुपरस्टार बना दिया था।

ऋतिक रोशन के लिए गाए उनके गाने 'ना तुम जानो ना हम' के लिए उन्हें बेस्ट डेब्यू सिंगर का फ़िल्मफेयर मिला था !

 इसके अलावा उन्होंने कई और बेहतरीन गाने गए।

साल 2002 में आया गाना 'गोरी तेरी आँखे' उनका आखिरी सुपरहिट गाना था !

उन्होंने इम्तियाज अली के कहने पर फिल्म 'तमाशा' के लिए भी गाना गया था, लेकिन इस बार लकी थोड़े अनलकी निकले और ये फिल्म भी फ्लॉप हो गई और उनका गया गाना भी नहीं चल पाया !

लेकिन ये भी टी है कि लकी एक बार फिर अपने उसे दमदार अंदाज़ में वापस लौटेंगे !

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Imtiaz Ali