हमारे पिक्टोरियल रिव्यू में जानिए फिल्म 'न्यूटन' को क्यों देखा जाना चाहिए !

फ़िल्मकार अमित मसूरकर की फिल्म 'न्यूटन' के ट्रेलर को देखकर ही समझ आ गया था कि ये एक सीख देने वाली फिल्म है, जिसको ह्यूमर के साथ परोसा गया है। इस फिल्म को एक ब्लैक कॉमेडी के रूप प्रमोट किया गया है और जब आप इस फिल्म को देखकर बाहर आते हैं तो आपको संतुष्टि महसूस होती है। फिल्म 'न्यूटन' एक ईमानदार आदमी नूतन कुमार के बारे में हैं, जिसे छत्तीसगढ़ के नक्सली इलाके में चुनावी मतदान का आयोजक नियुक्त किया है।

शुरुआत में लगता है कि ये एक शिक्षात्मक फिल्म लगती है लेकिन जैसे जैसे आप इसे आगे देखेंगे आपको पता चलेगा कि इस फिल्म में और भी बहुत कुछ है। हमारे पिक्टोरिअल रव्यू में हम आपको बतायेंगे कि ये फिल्म किस बारे में है।

राजकुमार राव का किरदार नूतन कुमार उर्फ़ न्यूटन

जैसा कि हमने बताया राजकुमार नूतन का किरदार निभा रहे हैं जो कि एक इमानदार आदमी है और धर्मं और कर्तव्य का पालन करता है। उसे छत्तीसगढ़ के नक्सली इलाके में चुनावी मतदान के आयोजक के रूप में भेजा जाता है। अपनी जान का खतरा होने के बावजूद भी वो लोगों को चुनाव देने की शिक्षा देता है।

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आत्मा सिंह के किरदार में पकज त्रिपाठी

पंकज एक आर्मी ऑफिसर आत्मा सिंह के किरदार में हैं, जो हर कदम पर न्यूटन और जनता की मदद और रक्षा करता है।

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और फिल्म में आपको ये सबकुछ भरपूर मिलेगा

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कुल-मिलाकर ये मनोरजन और शिक्षा से भरी फिल्म है और आपको इसे एक बार ज़रूर देखा जाना चाहिए !