इस पिक्टोरियल रिव्यू में जानिए फिल्म 'हसीना पारकर' को देखा जाना चाहिए या नहीं?

डायरेक्टर अपूर्व लाखिया की फिल्म 'हसीना पारकर' सिनेमाघरों में रिलीज़ हो चुकी है। ये फिल्म आने से पहले ही अपने विषय और किरदार के लिए सुर्ख़ियों में बनी हुई थी। हसीना, जो कि भारत के सबसे बड़े डॉन दाऊद इब्राहिम की बहन है, की ज़िन्दगी काफी दिलचस्प है और इस फिल्म में हसीना की ज़िन्दगी के महत्वपूर्ण हिस्सों को दिखाया गया है।

पहले बात करते हैं कि दर्शकों ने फिल्म के ट्रेलर को देखकर फिल्म से क्या उम्मीदें लगाई थीं।

इस पिक्टोरियल रिव्यू में जानिए फिल्म 'हसीना पारकर' को देखा जाना चाहिए या नहीं?

हम सभी ने सोचा था कि श्रद्धा को हसीना का किरदार देना गलत होगा क्योंकि वे इस किरदार के हिसाब से फिट नहीं बैठ रही थी और उन्होंने कभी भी ऐसा कोई स्ट्रोंग किरदार नहीं निभाया है। श्रद्धा को हमेशा एक कॉलेज की नाज़ुक लड़की के रूप में देखा गया है, जिसके चलते इस किरदार में उन्हें देखना अजीब था। इसके अलावा हम सभी को उम्मीद थी कि फिल्म में हिंसा होगी और सभी अच्छा परफॉर्म करेंगे। और इसके साथ ही हसीना की ज़िन्दगी के बारे में सबकुछ खुलकर नै बताया जायेगा।

और फिल्म कुछ ऐसी निकली 

इस पिक्टोरियल रिव्यू में जानिए फिल्म 'हसीना पारकर' को देखा जाना चाहिए या नहीं?

श्रद्धा से जो उम्मीद थी वहीं हुआ और उनकी परफॉरमेंस ज्यादा ख़ास नहीं थी। हसीना के किरदार को बहुत अच्छा बनाकर दर्शकों के सामने परोसा गया। इसके अलावा फिल्म में कोर्ट रूम ड्रामा भी कुछ ख़ास नहीं था।

श्रद्धा कपूर का किरदार हसीना पारकर

इस पिक्टोरियल रिव्यू में जानिए फिल्म 'हसीना पारकर' को देखा जाना चाहिए या नहीं?

श्रद्धा ने इस किरदार को निभाने के लिए काफी मेहनत की लेकिन अफ़सोस वे इस किरदार में जमी नहीं और ना ही उनकी परफॉरमेंस अच्छी थी।

ओर इस फिल्म में आपको ये सब देखने को मिलेगा।

इस पिक्टोरियल रिव्यू में जानिए फिल्म 'हसीना पारकर' को देखा जाना चाहिए या नहीं?

सभी किरदारों की परफॉरमेंस ठीकठाक है। फिल्म की सिनेमेटोग्राफी अच्छी है लेकिन सच्चाई से फिल्म का वास्ता है या नहीं ये आपको समझ नहीं आता।