ऋतिक रोशन और कंगना झगड़ा : ऋतिक ने स्टेटमेंट जारी कर बताई अपने हिस्से की कहानी !

बॉलीवुड एक्टर ऋतिक रोशन और कंगना रनौत के बीच की लड़ाई को चलते हुए काफी समय हो गया है। जहां इनके झगड़े में बॉलीवुड को गुटों में बंट गया है वहीं कंगना की तरफ से भी ऋतिक पर कुछ ना कुछ इल्ज़ाम लगते रहते हैं। हाल ही में कंगना की बहन रंगोली ने ऋतिक को ट्विटर पर खूब खरी खोटी सुनाई थी और उसके बाद ऋतिक के पिता राकेश रोशन ने भी उनको जवाब दिया था।

अब ऋतिक ने पहली बार खुद आगे आकर अपने हिस्से की कहानी एक स्टेटमेंट के ज़रिये दुनिया को बताई है। ऋतिक ने ना केवल कंगना द्वारा लगाये गए इल्ज़ामों के बारे में कहा बल्कि ये भी बताया है कि वे कंगना से कभी भी पर्सनली नहीं मिले हैं तो उनके और कंगना के सात साल के रिश्ते की कहानी को तो भूल ही जाइये। ऋतिक ने ये बात साफ़ की कि ऋतिक ने सिर्फ कंगाना के साथ दो फ़िल्में - क्रिश 3 और काइट्स की है और उसके लावा उनका कंगना से कोई संबंध नहीं है।

पढ़िए ऋतिक की पूरी स्टेटमेंट :

मैं रचनात्मक, प्रोडक्टिव और काम के पद पर चलता हूं। जो बातें इन चीजों से नहीं जुड़ी हैं मैं उन्हें नज़रअंदाज़ करता हूं और उसे ध्यान भटकाने वाली चीज़ के तौर पर देखता हूं।

मैं मानता हूं कि किसी बात को नज़रअंदाज़ करने, उसपर कुछ रिएक्शन ना देने और अपनी प्रतिष्ठा के पथ पर बने रहने से किसी भी अनिश्चित अवांछित घुसपैठ से बचा जा सकता है। लेकिन किसी स्वास्थ्य समस्या की ही तरह अगर किसी बात को नज़रअंदाज़ किया जाए तो वो घातक हो जाता है, ये परिस्थिति दुर्भाग्यवश मेरे लिए घातक हो गयी है।

इस मामले की बात की जाये तो लगता है मीडिया इसे छोड़ने को तैयार ही नहीं है। 

मैं नहीं मानता कि इस सर्कस में मैं अपना अपने आप को बचाऊंगा खासकर जब मैं इस बात से जुड़ा हुआ ही नहीं हूं। 

मुझे बिना मेरी मर्ज़ी के एक गंदे खेल में फंसाया गया है। ये कुछ ऐसा है जो मैंने मैंने नहीं किया। 

सच तो ये है कि मैं जिस महिला की यहां बात हो रही है मैं उससे पूरी ज़िन्दगी में कभी आमने-सामने मिला ही नहीं हूं। हां, हमने साथ में काम किया है, लेकिन हम प्राइवेट में कभी नहीं मिले। यही सच है।

कृपया समझने की कोशिश कीजिये कि मैं एक अफेयर के आरोप के खिलाफ नहीं लड़ रहा हूं। और ना ही अपनी अच्छे व्यक्ति की इमेज को बचाने के लिए बचकानी हरकत कर रहा हूं। मुझे अपनी गलतियों के बारे में अच्छे से पता है, मैं एक इंसान हूं।

मैं अपने-आप को एक ज़्यादा बड़ी गंभीर, भावुक और हानिकारक बात से बचा रहा हूं। दुःख की बात तो ये है कि मीडिया और जनता में से कम ही लोग हैं जो सच्चाई में दिलचस्पी रखते हैं। ये सच मैंने बहुत कठिनाई से सीखा है।

अगर लोग ऐसी बात से सहमत होते हैं जिससे दुनिया का मॉडल वैसा ही बना रहता है जहां लोग ये समझते हैं कि एक लड़की पर हमेशा अत्याचार होता है और एक आदमी हमेशा अत्याचारी होता है तो ऐसा ही ठीक है। मुझे ये मंज़ूर है।

महिलाओं ने सदियों तक आदमियों के हाथों अत्याचार सहा है और ये बात सोचकर मेरा खून खौलता है कि कैसे कुछ आदमी इतने निर्दयी हो सकते हैं और उन्हें इसके लिए कड़ी-से-कड़ी सजा मिलनी चाहिए। लेकिन अगर इस बात से ये साबित होता है कि एक आदमी कभी कमज़ोर नहीं हो सकता या कोई महिला कभी झूठी नहीं हो सकती तो ऐसा ही सही। मुझे ये भी मंज़ूर है।

दो हाई प्रोफाइल सेलेब्रिटीज़ के बीच 7 साल का लम्बा लव अफेयर चलता है और इसका कोई नामो-निशान तक नहीं मिलता। कोई सबूत नहीं, कोई मीडिया द्वारा ली गयी तस्वीर नहीं, कोई गवाह नहीं, यहां तक कि कोई स्मृति चिन्ह भी नहीं जैसे कि साथ में कोई सेल्फी जो कि जनवरी 2014 को पेरिस में हुई कथित सगाई में ली गयी हो। इस रोमांटिक रिश्ते को साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं है। 

फिर भी हम दूसरे की बात पर भरोसा कर रहे हैं क्योंकि समझा ये जा रहा है कि एक लड़की झूठ क्यों बोलेगी।

मेरी पासपोर्ट डिटेल बताती है कि मैं जनवरी 2014 को भारत से बाहर गया ही नहीं था। जबकि कहा ये जा रहा है कि पेरिस में कथित सगाई से इस समय पर मेरी सगाई हुई है। 

और इस कथित रिश्ते के सबूत में मीडिया को एक फोटोशॉप की हुई तस्वीर दी गयी है। इस बात का पर्दा फाश अगले ही दिन मेरे दोस्तों और पूर्व पत्नी द्वारा कर दिया गया था। 

कोई सवाल नहीं पूछे गए क्योंकि हमें हमेशा से महिलाओं की रक्षा करना सिखाया गया है। मुझे भी मेरे माता-पिता और मेरे जीवन की सबसे बेहतरीन महिला, जो मेरे जीवन का सपोर्ट सिस्टम है, ने यही सिखाया है। मैं तहे दिल से उनका आभारी हूं। मैं अपने बच्चों को परिवार और सम्मान के बारे में वहीं बातें सिखाने की कोशिश करूँगा जो मैंने सीखी हैं। और हां, मैं उन्हें महिलाओं के लिए हमेशा खड़े रहना सिखाऊंगा।   

यहां एक तरफ के 3000 ई-मेल हैं जो या तो मैंने खुदको भेजे हैं या फिर उस महिला ने मुझे भेजे हैं जिसके बारे में बात हो रही है। साइबर क्राइम डिपार्टमेंट इस बात को कुछ ही दिनों में सही या गलत साबित कर सकता है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए मैंने अपने मोबाइल, लैपटॉप आदि सहित सारे डीवाईस सरेंडर कर दिए हैं, जो कि अब साइबर सेल में पड़े हैं। लेकिन दूसरों ने ऐसा करने से मना कर दिया। ये जांच अभी बंद नहीं हुई है। 

एक बार फिर बता दूं कि ये दो प्रेमियों की लड़ाई नहीं है। मैं लोगों से आग्रह करता हूं कि कम से कम एक इसे उस तरह देखें जो ये मामला है। मैं इस बात से पिछले 4 साल से पीड़ित होता आ रहा हूं और अच्छे और शायद महिलाओं के प्रति आवश्यक सामाजिक पूर्वाग्रह ने मुझे स्वयं का बचाव करने में असहाय समझा है।

मैं गुस्सा नहीं हूं, मैं कभी-कभार ही अपने जीवन में गुस्सा होता हूं। मेरी ज़िन्दगी में कभी किसी आदमी या औरत से कोई लड़ाई नहीं हुई। यहां तक कि मेरे तलाक के समय भी कोई लड़ाई नहीं हुई थी। मैंने अपने और अपने साथ के लोगों के लिए हमेशा शांति को ही चुना है। 

मैं यहां किसी पर इलज़ाम लगाने या किसी को जज करने के लिए नहीं हूं, लेकिन यही समय है जब मैं सच्चाई की हिफ़ाज़त करूं क्योंकि जब सच्चाई बुरा झेलती है तो समाज भी चेतना पर भी असर पड़ता है। सभ्यता पर असर पड़ता है। आपके करीबियों और परिवार पर असर पड़ता है। बच्चों पर असर पड़ता है।