इरफ़ान खान: ‘बॉलीवुड’ का मतलब सिर्फ़ नाच-गाना नहीं है

इरफ़ान खान ने भले ही हॉलीवुड में अपनी एक पहचान बना ली हो, लेकिन ये एक्टर अभी भी इस इंडस्ट्री को लेकर गर्व महसूस करते हैं जिसने उन्हें सुपरस्टारडम तक पहुँचाया है। ‘तलवार’ एक्टर कहते हैं कि बॉलीवुड जो अपने नाच-गाने के लिए पॉपुलर है अब दिन-ब-दिन तरक्की करता जा रहा है और इन दिनों इंडियन फ़िल्ममेकर्स सिर्फ़ मनोरंजन ही नहीं बल्कि फ़िल्म की कहानी को भी उतनी ही अहमियत दे रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि जिस तरह से वेस्ट में हिंदी सिनेमा को चित्रण किया जाता है वह उसकी छवि को बदलना चाहेंगे।

“पश्चिम में लोगों के दिमाग में बॉलीवुड की एक गहरी छवि बस गई है कि हम सिर्फ़ नाच-गाना दिखाते हैं और मुझे उम्मीद है कि यह बदलेगी। मैं इसे बदलना पसंद करूँगा। कुछ फ़िल्में हैं जैसे ‘लंच बॉक्स’ और ‘पिकू’ जिसने लोगों की उस सोच में थोड़ा बहुत बदलाव पैदा किया है जिस तरह वे बॉलीवुड को समझते थ। इस तरह की फिल्मे धीरे-धीरे इस नज़रिए को बदल रही है और ये साबित करने में कामयाब हो रही हैं कि बॉलीवुड सिर्फ़ नाच-गाने से कहीं ज़्यादा है और हमारी फ़िल्मों में कहानी भी उतनी ही संजीदा होती हैं”, ‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ एक्टर ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया। 

“हमें भारतीय दर्शकों के अलावा विश्व स्तरीय दर्शकों को भी ध्यान में रखना चाहिए ताकि हम उन्हें दिखा सकें कि हम कितने ज़बरदस्त हैं”, ‘लाइफ ऑफ़ पाई’ के एक्टर ने कहा। इरफ़ान खान ने एक बार नाच-गाने के सिलसिले के बारे में बात करते हुए कहा था कि हॉलीवुड को भी इस कल्चर को फॉलो करना चाहिए। “उन्हें भी हमारे नाच-गाने वाले कल्चर को लागू करना चाहिए। मुझे लगता है ऐसा कर हॉलीवुड और ज़्यादा कमाल कर सकता है”, ‘ज़ुरासिक वर्ल्ड’ स्टार ने कहा।

इरफ़ान खान: ‘बॉलीवुड’ का मतलब सिर्फ़ नाच-गाना नहीं है