मराठी फिल्म ' कोर्ट' बनी ऑस्कर के लिए भारत की ऑफशियल एंट्री

पिछले साल जब भारतीय फिल्म फेडरेशन ने ‘द लंचबॉक्स’ के बजाय ऑस्कर के लिए भारत की ऑफशियल एंट्री के रूप में ' गुड रोड' को भेजने के लिए चुना था, दर्शकों को लगा फेडरेशन ने गलती की है। इस बार समिति डेब्यूटेंट चैतन्य तम्हाने द्वारा डायरेक्ट की गई मराठी - अंग्रेजी फिल्म ' कोर्ट' को ऑस्कर में भेजने के लिए चुना गया है। दर्शक निश्चित रूप से किए गए चुनाव के साथ सहमत होंगे।

तम्हाने को अपनी भावनाओं का वर्णन करने के लिए शब्द कम पड़ गए। "कोर्ट की यात्रा के हर मोड़ पर,  हमे महसूस हुआ कि जितनी हमने कभी कल्पना की थी उससे ज़्यादा मिला है। एक बार फिर, यह विवेक और मेरे दोनों के लिए एक वास्तविक आश्चर्य के रूप में आ गया है। जब से हमने फिल्म बनान शुरू किया, तब से हमने हमारी उम्मीदों को कम रखा था। और ऐसे में, जब रिजल्ट इतना अप्रत्याशित हो जाता है,  बहुत ज्यादा उम्मीद नहीं करना ही बुद्धिमानी लगती है”, उन्होंने कहा। उन्होंने यह भी कहा,  “कोर्ट को सम्मानित किया गया है, प्रशंसा की गई है और सराही गई जहाँ भी हम इसे लेकर गए हैं। यह जानना एक सुखद एहसास है कि एक पहली परियोजना कभी भारत के सबसे सम्मानित फिल्म बन गई है।

फिल्म को 3.5 करोड़ रपये के बजट में शूट किया गया था। तम्हाने के पास  सिनेमा में कोई औपचारिक प्रशिक्षण नहीं है। उन्होंने केवल अतीत में एक लघु फिल्म सिक्स स्ट्रैंडस बनाइ है। 28 वर्षीय निर्देशक पहले 2011 में कोर्ट बनाने का सोचा था, लेकिन उन्हें उसी के लिए रिसर्च करने के लिए तीन साल लग गए। कोर्ट ने मार्च में 62 वें राष्ट्रीय पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार जीता है और बाद में इसने 17 अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार जीते हैं।

मराठी फिल्म ' कोर्ट' बनी ऑस्कर के लिए भारत की ऑफशियल एंट्री