एनजीओ ने फैंटम के खिलाफ़ जारी किया कानूनी नोटिस

जब से कबीर खान निर्देशकीय फ़िल्म का ट्रेलर रिलीज़ हुआ तब से फैंटम विवादों से घिरी रही है। एक बार फिर, सैफ अली खान और कैटरीना कैफ अभिनीत फिल्म, भारतीय आतंकवाद-विरोधी ड्रामा फिल्म की रिलीज़ डेट के दिन कानूनी मुसीबत ने घेर लिया है। जमात -उद-दावा के प्रमुख हाफिज सईद की अपील के बाद, फिल्म पहले से ही पाकिस्तान में प्रतिबंधित कर दी गई है और अब एक एनजीओ मेडिसिन्स सैन्स फ्रंटियर्स चाहते हैं की फिल्म के निर्माता फैंटम से सभी एमएसएफ रेफरेन्सेस को दूर कर दिया जाये।

एमएसएफ इंडिया के महानिदेशक, मार्टिन स्लूट, ने एक स्टेटमेंट में कहा, “एमएसएफ का चित्रण और हमारे नाम का दुरुपयोग एक ख़तरनाक गलत बयानी है जो एमएसएफ स्टाफ, मरीजों को जोखिम में दाल सकता हैं और दुनिया के कुछ ख़तरनाक कंफ्लिक्ट ज़ोन में संगठन की क्षमता को कमजोर कर सकता है"। उन्होंने आगे कहा, “एमएसएफ भी फैंटम की एक एडवांस कॉपी की मांग कर रहे हैं ताकि वे चेक कर सकें कि संगठन को कैसे चित्रित किया गया है। अब तक किसी भी रिक्वेस्टस का कोई जवाब नहीं दिया गया है, और अब एमएसएफ कानूनी कार्रवाई कर रहा है।

"हमने अभी तक फिल्म नहीं देखी है, लेकिन प्रमोशनल ट्रेलर और कुछ अभिनेताओं द्वारा दिए गए इंटरव्यू से हम चिंतित हैं कि फिल्म में हमारे नाम का उपयोग कर और हमें गलत ढंग से पेश किया गया है। मुख्य अभिनेता एक बंदूक पकड़ चित्रित किया गया है - हमारे स्टाफ ऐसा कुछ कभी नहीं करेंगे। हम सुरक्षित रूप से सीरिया, अफगानिस्तान और यमन जैसे स्थानों में काम कर पायें इसका बस एक ही रास्ता है,  हर ग्रुप यह समझ ले कि हम स्वतंत्र, निष्पक्ष और निष्पक्ष हैं और केवल लोगों को चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने में और रुचि रखते हैं जिन्हें इनकी ज़रूरत है।” स्लूट ने बताया।

एनजीओ ने फैंटम के खिलाफ़ जारी किया कानूनी नोटिस