फैन मूवी रिव्यू: जबरा फैन तो नहीं , पर फैन तो बन ही सकते हैं।

शाहरुख़ खान की फिल्म 'फैन' सिनेमाघरों में रिलीज़ हो चुकी है। इस फिल्म में शाहरुख़ डबल रोल में हैं जहाँ उन्होंने एक सुपरस्टार और उसके फैन का किरदार साथ में निभाया है। एक फैन, जिसकी ज़िन्दगी का सबसे बड़ा मकसद ही है अपने सुपरस्टार से मिलना !

फैन मूवी रिव्यू: जबरा फैन तो नहीं , पर फैन तो बन ही सकते हैं।

फैन कहानी है गौरव चांदना और आर्यन खन्ना की।  आर्यन सुपरस्टार है  और गौरव उसका सबसे बड़ा फैन, जो उसका बहुत बड़ा दीवाना है।  दोनों की ज़िंदगियाँ बेहद अलग हैं , लेकिन मनीष शर्मा ने फिल्म में दिखाया है कि किस तरह चकाचौंध और सिनेमाई नायकों की दुनिया में सीधे सादे लोग केवल एक इंसान की सफलता को देखते हैं।  उनके सिनेमाई व्यक्तित्व से प्रभावित होकर उसे ही ज़िन्दगी की सच्चाई मान बैठते हैं। 

फैन मूवी रिव्यू: जबरा फैन तो नहीं , पर फैन तो बन ही सकते हैं।

जैसा कि ट्रेलर से ही साफ़ था , गौरव की दीवानगी उसके पसंदीदा सितारे के लिए परेशानी का सबब बन जाती है।  दिल्ली का ये यह लड़का जब अपने स्टार से मिल नहीं पाता और उसकी वजह से पुलिस का सामना करता है , तो उसके लिए दिल में नफरत का ज्वार  उठता है जिसको आधार बना कर फिल्म का अगला आधा हिस्सा बुना गया है। 

फैन मूवी रिव्यू: जबरा फैन तो नहीं , पर फैन तो बन ही सकते हैं।

फिल्म के पहले हाफ में अधिकतर समय गौरव के किरदार को गहराई देने के लिए इस्तेमाल किया गया है।  इसी से पता चलता है कि गौरव आखिर आर्यन से कितना प्यार करता है।  लेकिन जब आर्यन खन्ना उसे कोई भी महत्त्व देने से इंकार कर देता है , तब गौरव के भीतर अपने चुने हुए इस भगवान् को झुकाने की इच्छा हिलोरें मारना शुरू कर देती है।  वह चुन चुन कर बदला लेता है , और आर्यन को मजबूर कर देता है आमने-सामने आने को।

इसके बाद क्या होता है वह तो आप को फिल्म देखने के बाद  ही पता चलेगा।  हालांकि आपको बता दें , कि  फिल्म पूरी तरह से शाहरुख की है , इसमें आपको उनके अलावा  कोई नहीं दिखेगा।  कई जगह कहानी कमज़ोर पड़ती हुई लगती है, फिल्म पूरी तरह से विकसित होती हुई सी नहीं लगती।  कई जगहों पर सिर्फ शाहरुख ने फिल्म को सम्भाला है।  कई बातें तर्क से परे जाती हुई लगती हैं, जैसे शाहरुख़ के पास कैमरा फुटेज के होते हुए पुलिस को यह साबित नहीं करना कि कोई उनका हमशक्ल होने का गलत फायदा उठा रहा है।  इस तरह से यह सारी बातें आपनो तभी परेशान करेंगी यदि आप फिल्म को बेहद बारीकी से देखने का निर्णय लें। 

एक बार देख आइये, इतना तो किया ही जा सकता है ! 2.5 स्टार्स।