नवाज़ुद्दीन सिद्दीक़ी की बायोग्राफी में उनके अफेयर्स को लेकर हुए हैं कुछ बड़े खुलासे !

कुछ समय पहले फ़िल्मकार अनुराग कश्यप एक इंटरव्यू के दौरान ख़ुलासा किया था ने नवाज़ुद्दीन सिद्दीक़ी के एक पूर्व मिस इंडिया के साथ रिश्ते थे। इस इंटरव्यू का वीडियो वायरल हुआ था क्योंकि नवाज़ की ज़िन्दगी के बारे में लोगों को ज़्यादा जानकारी है। नवाज़ के बॉलीवुड आने के सफर में उनकी रोमांटिक साइड भी शामिल है और इस बात को जानने में कई लोग दिलचस्पी रखते हैं। हाल ही में नवाज़ ने अपनी बायोग्राफी 'एन आर्डिनरी लाइफ : अ मेमॉयर' में अपने रिश्तों के बारे में खुलकर बात की है। नवाज़ ने उस औरत के बारे में बताया जिससे वो प्यार करते थे और क्यों उन्हें एक मतलबी आदमी बोलै जा सकता है जो अपनी 'ज़रूरतों' के लिए औरतों का इस्तेमाल किया करता था। जिस तरह से नवाज़ ने खुलकर सभी बातों को बताया है ये बहुत अचम्भे वाली बात है। आइये आपको बताते हैं नवाज़ की बताई 5 महत्वपूर्ण बातें!

1. नवाज़ का पहला प्यार और उसके छूटने का ग़म

नवाज़ुद्दीन सिद्दीक़ी की बायोग्राफी में उनके अफेयर्स को लेकर हुए हैं कुछ बड़े खुलासे !

मैं मुंबई में एक नाटक में काम कर रहा था जब मुझे मेरा पहला प्यार मिला। संयोग से वो भी एनएसडी से पढ़ी थी, हालांकि हम कॉलेज में कभी नहीं मिले। वो समय बहुत प्यार था, जैसे बहुत समय तक सूखा पड़ने के बाद बरसात आयी हो। सुनीता को मुझसे बेइंतेहा प्यार हो गया था। वो रोज़ मेरे मीरा रोड वाले घर पर आती थी, हम साथ में समय बिताते थे और वो दीवारों पर छोटे-छोटे अक्षरों में हमारे नाम लिखा करती थी। आपको वो पुराने ज़माने में प्रेमियों द्वारा बनाये जाने वाले दिल पता हैं, जिनमें दोनों प्रेमियों के नाम होते हैं और कभी-कभी उसमें से तीर निकला होता है तो किसी किसी में नहीं होता। उसके डूडल कुछ। मेरे रूम मेट्स को लगता था कि रोज़ मेरे घर की एक दीवार अपने प्यार से भर देती है। वो एक पहाड़ी लड़की थी। हमारा रिश्ता करीब डेढ़ साल तक चला। उसके बाद वो पहाड़ों में अपने घर अपने माता-पिता के पास छुट्टियां बिताने चली गयी। जब वो वापस आयी तो उसने मेरी कॉल्स लेना बंद कर दिया। जब आखिरकार उसने मुझसे बात की तो मैं हक्का-बक्का रह गया। हमारे इतने गहरे रिश्ते के बाद सुनीता ने मुझे बोला कि नवाज़ तुम अपने करियर पर ध्यान दो मैं अपने करियर पर ध्यान दूंगी। उसके बाद उसने मुझसे सारे रिश्ते नाते ख़त्म कर दिए। मैं एक बार फिर बहुत गहरे डिप्रेशन में चला गया था। मैंने सफ़ेद पेंट से अपने घर की दीवारे रंगी और उसकी कलाकारी को मिटाते हुए दीवारों को वापस पहले जैसा बना दिया। हर बार ब्रश चलाते हुए मैंने अपनी दीवार के साथ अपने दिल से भी उसकी याद को मिटाने की कोशिश की। लेकिन हमेशा की तरह ब्रश ने सिर्फ अपना दीवार के निशान मिटाने का काम किया और मेरा दिल वैसा का वैसा ही रह गया। मीरा रोड में रहने का मतलब था कि लोकल ट्रैन हमारी ज़िन्दगी का बड़ा हिस्सा थी। मैं स्टेशन पर लगभग हमेशा रहता था। उसकी आखिरी कॉल के बाद एक दिन मैं स्टेशन पर खड़ा पटरियों को ताक रहा था। और ट्रैन ज़ोर-ज़ोर से हॉर्न बजा कर अपने आने का ऐलान कर रही थी। वो बहुत सरल और जल्दी होता। मैंने सोचा क्या मुझे इसके आगे कूद जाना चाहिए? क्या इस ज़िन्दगी, इस मुश्किल सफर को ख़त्म कर देना चाइये? मेरे पास कुछ नहीं था, कोई प्यार नहीं, कोई नौकरी नहीं, कोई पैसा नहीं। लेकिन मेरे अंदर कोई जागा, जिसमें मेरे दिमाग में मुझे ज़ोरदार थप्पड़ मारा। तुझे पता है कि ये तेरी जगह नहीं है, मेरे मन में आवाज़ आयी, फिर क्यों? क्यों तू इस रस्ते पर चल रहा है? क्यों? वो आवाज़ मुझपर चिल्लाई। ट्रैन मेरे सामने से तेज़ी से निकल गयी। और मैंने भी अपने भावों को अपने शरीर से ऐसे अलग कर लिया जैसे डॉक्टर गर्भनाल को काटकर निकल देता था। मैंने कसम खायी कि मैं दोबारा कभी किसी रिश्ते में भावनाएं के साथ शामिल नहीं होऊंगा। और मैंने अपना वादा निभाया। मैंने कभी अपने किसी रिश्ते में खुद को उतना कमज़ोर नहीं पड़ने दिया, अपनी पत्नी के साथ भी नहीं। आज सुनीता लोगों को बताती रहती है कि वो मेरे साथ एक गंभीर रिश्ते में थी। कमाल है न? ज़िन्दगी कितनी खूबसूरत है, कितनी खूबसूरत।

2. फिल्म 'मिस लवली' की को-स्टार निहारिका सिंह के साथ उनका अफेयर

नवाज़ुद्दीन सिद्दीक़ी की बायोग्राफी में उनके अफेयर्स को लेकर हुए हैं कुछ बड़े खुलासे !

एक दिन हम अपनी फिल्म के लिए डांस सीन शूट कर रहे थे और मेरी को-स्टार निहारिका को कुछ हुआ। जैसे ही डायरेक्टर ने 'कट' बोला वो जल्दी से अपनी वैनिटी में चली गयीं। उनके साथ कुछ तो हुआ था जिसकी वजह से वो मुझसे दूर रहती थी और कुछ बोलती भी नहीं थी। मैं परेशान था कि आखिर ऐसा भी क्या हो गया? पहले वे मेरे साथ अच्छे से बात करती थीं और सभी के साथ फ्रेंडली थीं। मैंने उनसे जब इस बारे में पूछा तो उन्होंने कुछ नहीं कहा। मैं ीक बार या दो बार नहीं बल्कि बार बार पूछा कि क्या हुआ है लेकिन उन्होंने मुझे कोई जवाब नहीं दिया। मैंने उन्हें कई बार बात करने के उत्तेजित किया। मैं एकः कि ऐसे चुप-चुप रहना अच्छी बात नहीं है। कुछ समय बाद मैंने उन्हें अपने घर खाने पर आमंत्रित किया। उन्होंने मेरे निमंत्रण को सवीकार किया और आयी भी। मैंने उस दिन मटन बनाया था जो कि बहुत खराब बना था। लेकिन उन्होंने बिना किसी शिकायत के सारा खाना खाया और बाद में मेरी तारीफ भी की। इसके बाद उन्होंने मुझे कहा कि अब मेरे घर आना नवाज़ मैं तुम्हे मटन खिलाऊंगी। मैं पहली बार निहारिका के घर गया था। मैं थोड़ा नर्वस था और मैंने डोरबेल बजाया। जब उन्होंने घर का दरवाज़ा खोला तो मुझे उनके घर की एक झलक दिखाई थी। उनके घर को देखकर मैं हैरान रह गया था क्योंकि वहां 100 या जाने कितनी ही मोमबत्तियां बेहद खूबसूरती से जल रही थीं। निहारिका अपने सॉफ्ट फर वाले कपड़ों में बेहद खूबसूरत लग रही थी और उनकी सुंदरता मोमबत्ती की रौशनी में और निखार कर आ रही थी। और मैं, जो गांव का एक लालची गधा है, ने उन्हें अपनी बाँहों में उठाया और उनके बैडरूम की ओर चल दिया। उस दिन हमने जी भर प्यार किया। और कुछ इसी तरह निहारिका के साथ मेरा रिश्ता शुरू हो गया। ऐसा रिश्ता जो मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि लगभग डेढ़ साल तक चलेगा।

3. कैसे उनके मलतबी इंसान होने की वजह से निहारिका से उनका रिश्ता टूट गया

हर लड़की की तरह निहारिका भी चाहती थी कि मैं उससे मीठी-मीठी बातें करूँ। लेकिन मैं एक मतलब आदमी था। मेरा सिर्फ एक ही लक्ष्य था - उसके घर जान, सेक्स करना और वापस आ जाना। मैं उससे ज़्यादा प्यारी-प्यारी बातें अनहि कर सकता था। आखिरकार वो समझ ही गयी कि मैं कितना बुरा इंसान हूँ। (असल में जितनी भी लड़कियों के सतह मैं रिश्ते में रहा हूँ उन सभी का यही मानना है। मैं उनके पास जाऊँगा क्योंकि मुझे अपनी 'ज़रूरतें' पूरी करनी है वर्ना मैं उनके कॉल भी नहीं उठाऊंगा।) जब मैं अगली बार निहारिका के घर गया वो सिल्क का रोब पहने हुए थी। मैंने उसे कमर से पकड़कर अपनी ओर किया तो निहारिका ने मुझे धक्का दे दिया। उसने बोला, नहीं नवाज़। बहुत हो चुका, मैं आज के बाद तुमसे दोबारा कभी नहीं मिलूंगी। मैंने उससे मिन्नतें की, रोया, गिड़गिड़ाया, बोलै कि दोबारा ऐसी गलती नहीं करूंगा, एक बेहतर प्रेमी बनाऊंगा, लेकिन निहारिका नहीं मानी। वो बहुत लम्बे समय तक बहुत कुछ सहन कर चुकी थी। और इसी तरह हमारा रिश्ता ख़त्म हो गया।

4. कैसे नवाज़ ने एक यहूदी लड़की से शादी करके के ख्वाब देखने लगे थे।

नवाज़ुद्दीन सिद्दीक़ी की बायोग्राफी में उनके अफेयर्स को लेकर हुए हैं कुछ बड़े खुलासे !

पश्चिम के देश मेरे साथ बहुत अच्छे थे। काम के मामले में भी और प्यार के मामले में भी। मैं न्यूयॉर्क में था जब मेरी मुलकात सुज़ैन से हुई। वो न्यू जर्सी से आयी एक प्यारी यहूदी लड़की थी जो न्यूयॉर्क में रहती थी। हम मिले और हमारा रिश्ता शुरू हो गया। वो मुंबई आ गयी और मेरे साथ रहने लगी। तब तक मैं और शमस यारी रोड में रहने लगे थे। कुछ महीनों बाद वो अपना वीसा आगे बढ़वा देती थी। वो रिश्ता बहुत प्यारा था। वो इतनी अच्छी थी कि मेरे दिमाग में उससे शादी के ख्याल आने लगे और धीरे-धीरे ये ख्याल फैसले में बदल गए। अंत में जब मैं उसे प्रपोज़ करने वाला था, मेरे मन की बात पढ़ते हुए सुज़ैन बोली, 'मेरे देश में ब्रेकअप का मौसम चल रहा है'! वो सर्दियों का समय था। पश्चिम में उस समय त्योहारों और ब्रेकअप का मौसम होता है। सुज़ैन के भाई का तभी तलाक हुआ था। शायद इसीलिए वो शादी के नाम से डरती थी। उसने कहा, 'थोड़ा रूककर देखते हैं कि हमें क्या करना है। देखते हैं कि एक साल बाद भी साथ रहना चाहते हैं या नहीं।' मैं हक्का-बक्का रह गया था। मैंने बिना उसे कुछ कहें शादी का ख्याल ही अपने दिमाग से निकाल दिया। फिल्म 'मिस लवली' की शूटिंग शुरू हुई तो सुज़ैन मेरे साथ सेट्स पर जाय करती थी। फिर वो दिन आया जब उसका वीसा खत्म हो गया और उसे सब ठीक करने के लिए न्यूयॉर्क वापस जाना पड़ा। वो कई महीनों के लिए चली गयी थी।

इसके अलावा नवाज़ ने बताया कि कैसे उनका एक ही समय पर निहारिका और सुज़ैन दोनों के साथ रिश्ता था। कैसे वे और भी महिलाओं के साथ रिश्ते में रह चुके हैं। लगता है नवाज़ की ये ज़िन्दगी पर लिखी गयी ये दिलचस्प किताब आते ही धड्ड्ले से बिकने लगेगी।

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Nawazuddin Siddiqui