जब बॉलीवुड के इन सितारों को असल ज़िन्दगी में हुआ एक तरफ़ा प्यार !

अपनी ज़िन्दगी में एक तरफ़ा प्यार सभी ने किया होगा और इससे हमारा बॉलीवुड भी अछूता नहीं है। प्यार तो बस हो जाता है फिर चाहे सामने वाला हमें प्यार करता हो या नहीं। बॉलीवुड में भी कई ऐसे चाहने वाले हैं जिन्होंने एक तरफ़ा प्यार किया। मनचाहा प्यार न मिलने की वजह से कईयों ने गलत कदम उठा लिए। इनमें से कुछ ने मौत को गले लगा लिया तो कोई पागल हो गया। आइये आपको बताते हैं बॉलीवुड के वो सेलेबस जिन्होंने एक तरफ़ा प्यार किया-

राजकुमार संतोषी

जब बॉलीवुड के इन सितारों को असल ज़िन्दगी में हुआ एक तरफ़ा प्यार !

एक्ट्रेस मीनाक्षी शेषाद्रि की खूबसूरती के चर्चे हर जगह हुआ करते थे। मीनाक्षी और फिल्ममेकर राजकुमार संतोषी का नाम एक साथ जोड़ा गया। राजकुमार की ज्यादा तर फ़िल्मों में मिनाक्षी ही हीरोइन हुआ करती थी। इसके पीछे का कारण किसी को पता नहीं था लेकिन इस राज से पर्दा तब उठा जब संतोषी ने मिनाक्षी के सामने अपने प्यार का इज़हार किया। मिनाक्षी ने उनके प्यार को ठुकरा दिया और साथ ही फ़िल्मों को भी अलविदा कह दिया। उन्होंने 1995 में इन्वेस्टमेंट बैंकर हरीश मैसूर से शादी की और अब वे डांस एकेडमी चला रही हैं।

जिया खान 

जब बॉलीवुड के इन सितारों को असल ज़िन्दगी में हुआ एक तरफ़ा प्यार !

जिया खान और सूरज पंचोली के प्यार के बारे में सभी को पता है। जिया सूरज से बहुत प्यार करती थी मगर सूरज इस रिश्ते को लेकर इतने सीरियस नहीं थे। इसी दौरान जिया खान प्रेग्नेंट हो गयी और वो सूरज पर शादी करने का दबाव बनाने लगीं। सूरज ने शादी से मना कर दिया जिसकी वजह से जिया डिप्रेस्ड रहने लगीं और एक दिन उन्होंने मौत को गले लगा लिया।

करण जौहर 

जब बॉलीवुड के इन सितारों को असल ज़िन्दगी में हुआ एक तरफ़ा प्यार !

करण जौहर को भी एक तरफ़ा प्यार हुआ था और वो अपने प्यार के साथ जीने के सपने भी देखने लगे थे। एक बातचीत में करण ने बताया कि किस तरह उन्हें ‘हैपी मैरिज’ करने वाले कपल से जलन होने लगी थी। करण ने कहा लोग मुझसे कहते हैं कि हिंदी फिल्में थिएट्रिकल और ड्रैमेटिक होती हैं। लेकिन ये कहीं न कहीं रियल लाइफ से भी जुड़ी होती हैं। मैं उस शादी के मंडप में बैठा था, जहां मेरा प्यार किसी और से शादी कर रहा था। आपको बता दें कि करण एक्ट्रेस  ट्विंकल खन्ना को बहुत चाहते थे लेकिन उन्होंने अक्षय कुमार से शादी कर ली। ये बात ट्विंकल ने भी एक इंटरव्यू में स्वीकार की थी। 

सुलक्षणा पंडित 

जब बॉलीवुड के इन सितारों को असल ज़िन्दगी में हुआ एक तरफ़ा प्यार !

सुलक्षणा पंडित  एक्टर संजीव कुमार से प्यार करती थीं। उन्होंने संजीव के सामने अपने प्यार का इजहार भी किया था और कहा था कि वे उनसे शादी कर लें। लेकिन संजीव ने उनके प्यार को ठुकरा दिया था और वे डिप्रेशन में चली गई थीं। ये कहा जाता है कि 47 साल की उम्र में जब संजीव कुमार की मौत हुई तो वे ये सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाईं और पागल हो गई थीं। आपको बता दें कि सुलक्षणा ने फिल्मों में गाने के अलावा एक्टिंग भी की है। उन्होंने अपने अभिनय सफर की शुरुआत 1975 में फिल्म ‘उलझन’ से की थी।

रामगोपाल वर्मा 

जब बॉलीवुड के इन सितारों को असल ज़िन्दगी में हुआ एक तरफ़ा प्यार !

राम गोपाल वर्मा और उर्मिला के अफेयर की खबरें भी खूब चर्चा में थी। ऐसा कहा जाता था कि रामगोपाल अपनी फ़िल्म में उर्मिला को ही एक्ट्रेस लेते थे। बाद में पप्त चला कि रामू उर्मिला को चाहते थे इसीलिए उन्हें अपनी फ़िल्मों में लेते थे। उर्मिला अचानक ही फ़िल्मों से दूर हो गयीं और फिल्मों से दूर होने के बाद उन्होंने साल 2016 में अपने से 9 साल छोटे कश्मीरी बिजनेसमैन मोहसिन अख्तर मीर से शादी की। 

संजीव कुमार 

जब बॉलीवुड के इन सितारों को असल ज़िन्दगी में हुआ एक तरफ़ा प्यार !

संजीव कुमार हेमामालिनी से बेहद प्यार करते थे। उन्होंने हेमा के घर शादी का प्रस्ताव भी भेजा था लेकिन हेमा ने उनके प्रस्ताव को ठुकरा दिया और धर्मेन्द्र से शादी कर ली। कहते हैं कि संजीव कुमार हेमा मालिनी के इनकार से इतने दुखी हुए कि उन्होंने कभी शादी नहीं करने का फैसला कर लिया। संजीव ताउम्र अविवाहित रहे और गम भुलाने के लिए उन्होंने शराब पीना शुरू कर दिया। संजीव और हेमा मालिनी ने ‘सीता और गीता’ (1972), ‘शोले’ (1975), ‘जानेमन’ (1976), ‘धूप छांव’ (1977), ‘सुराग’ (1982) सहित कई फिल्मों में साथ काम किया है। 

गुरुदत्त 

जब बॉलीवुड के इन सितारों को असल ज़िन्दगी में हुआ एक तरफ़ा प्यार !

गुरु दत्त को एक्ट्रेस वहीदा रहमान से बेहइंतहा मुहब्बत थी। हालांकि, ये प्यार एकतरफा था। वहीदा ने कभी भी गुरु दत्त की मुहब्बत को स्वीकार नहीं किया था। इस वजह से गुरु दत्त शराब पीने के आदी हो गए थे और 10 अक्टूबर 1964 को उनकी मौत हो गयी। आपको बता दें कि गुरु दत्त ने गायिका गीता दत्त से साल 1953 में लव मैरिज की थी। लेकिन ये प्यार ज्यादा दिनों तक बरकरार नहीं रह पाया और दोनों अलग हो गए। फिल्म ‘कागज़ के फूल’ के बाद दोनों के अफेयर की खब़रों ने पति-पत्नी के रिश्तों में इस कदर दरार डाली कि गीता दत्त ने हमेशा के लिए घर छोड़ दिया। गुरु दत्त और वहीदा रहमान ने फ़िल्म ‘प्यासा’ (1957), ‘कागज के फूल’ (1959), ‘चौदहवीं का चांद’ (1960), ‘साहब बीवी और गुलाम’ (1962) में साथ काम किया।